अंबाला: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि आज भारत जिस ‘विकसित भारत’ के संकल्प को लेकर आगे बढ़ रहा है, वह स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के अप्रतिम बलिदानों के दम पर ही संभव हो पाया है. गृह मंत्री हरियाणा के अंबाला में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम को समर्पित भव्य ‘आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक’ का लोकार्पण कर रहे थे. हरियाणा स्थापना दिवस समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं.
‘अंबाला ने हिला दी थी ब्रिटिश हुकूमत की नींव’
सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि अंबाला वह ऐतिहासिक पावन धरा है जहां 10 मई 1857 को अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका गया था, जिसने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिलाकर रख दी थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि 1857 का संग्राम महज एक सैन्य विद्रोह नहीं, बल्कि स्वाधीनता के लिए लड़ा गया देश का सच्चा स्वतंत्रता संग्राम था. उन्होंने वीरभूमि हरियाणा के शौर्य को नमन करते हुए कहा कि क्षेत्रफल में छोटा होने के बावजूद भारतीय सशस्त्र बलों में सर्वाधिक सैनिक भेजने का गौरव हरियाणा को ही प्राप्त है.
₹800 करोड़ की लागत, 22 एकड़ में जीवंत हुआ 1857 का इतिहास
अंबाला में लगभग 22 एकड़ क्षेत्र में ₹800 करोड़ की अनुमानित लागत से निर्मित यह आधुनिक स्मारक देश के युवाओं के लिए राष्ट्रभक्ति का बड़ा प्रेरणा केंद्र बनेगा. इस परिसर में 23 अत्याधुनिक दीर्घाएं (गैलरी) बनाई गई हैं, जहां 700 से अधिक अमर शहीदों के नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित किए गए हैं. स्मारक में 360-डिग्री प्रोजेक्शन, डिजिटल डिस्प्ले, इंटरएक्टिव स्क्रीन और लेजर-एंड-साउंड शो के माध्यम से 1857 के संघर्ष की ऐतिहासिक घटनाओं को सजीव रूप में दर्शाया गया है. यह स्मारक ऐतिहासिक शोध, शिक्षा और पर्यटन को बढ़ावा देगा तथा 6 नवंबर से आम जनता के दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा.
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