बीसीजी तकनीशियन के 76 अभ्यर्थी योग्य, 8 खिलाड़ियों की सूची जारी
UPSSSC Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी दो अहम खबरें सामने आई हैं. उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने बीसीजी तकनीशियन और कनिष्ठ विश्लेषक (खाद्य) भर्ती को लेकर नए परिणाम और सूचनाएं जारी की हैं. बीसीजी तकनीशियन भर्ती में 76 अभ्यर्थियों को अभिलेख परीक्षण के लिए योग्य घोषित किया गया है. वहीं, कनिष्ठ विश्लेषक (खाद्य) के उत्कृष्ट खिलाड़ी वर्ग के आठ अभ्यर्थियों की अनुपूरक सूची जारी की गई है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में सरकारी सेवाओं के लिए चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं. इसी क्रम में आयोग ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा निदेशालय और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अंतर्गत चल रही भर्तियों को लेकर ये अपडेट जारी किए हैं.
बीसीजी तकनीशियन का परिणाम 6 नवंबर को जारी
आयोग ने बीसीजी तकनीशियन मुख्य परीक्षा के प्राप्तांकों के आधार पर 76 अभ्यर्थियों को अभिलेख परीक्षण के लिए अर्ह घोषित किया है. इन अभ्यर्थियों का परिणाम 6 नवंबर 2026 को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है.
योग्य घोषित किए गए अभ्यर्थी 6 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक आयोग के निर्धारित पोर्टल पर अपने जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं. इसमें शैक्षिक योग्यता, आरक्षण और अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्र शामिल हैं. आयोग ने दस्तावेज अपलोड करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी है.
कनिष्ठ विश्लेषक के 8 खिलाड़ियों की अनुपूरक सूची जारी
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अंतर्गत कनिष्ठ विश्लेषक (खाद्य) भर्ती में उत्कृष्ट खिलाड़ी श्रेणी के आठ अभ्यर्थियों की अनुपूरक सूची भी जारी की गई है.
आयोग के मुताबिक, विज्ञापित पदों के सापेक्ष इस श्रेणी में अभ्यर्थियों की उपलब्धता नहीं होने के कारण लिखित परीक्षा के स्कोर और मेरिट के आधार पर यह सूची तैयार की गई है. इसके साथ ही पुनरीक्षित कट-ऑफ अंक 7.25 निर्धारित किए गए हैं.
इन आठ अभ्यर्थियों का अभिलेख परीक्षण 13 नवंबर 2026 को दोपहर 1 बजे आयोग कार्यालय, पिकप भवन, गोमतीनगर, लखनऊ में होगा.
दस्तावेजों की जांच के बाद होगा अंतिम चयन
आयोग ने स्पष्ट किया है कि अभिलेख परीक्षण के लिए अर्ह घोषित होने का मतलब अंतिम चयन नहीं है. अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच और निर्धारित मानकों के अनुसार पात्रता सुनिश्चित होने के बाद ही अंतिम चयन किया जाएगा.
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बता दें कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं को निष्पक्षता, पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के अनुरूप संपन्न कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. इन प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने से स्वास्थ्य सेवाओं और खाद्य सुरक्षा प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में मानव संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में भी सकारात्मक कदम बढ़ेगा.
-भारत एक्सप्रेस
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