दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन के व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) की सुरक्षा से जुड़े मामले में एक बड़ा फैसला सुनाते हुए उनकी याचिका का निपटारा कर दिया है. न्यायमूर्ति पुरुषैंद्र कुमार कौरव की पीठ ने यह आदेश चार प्रमुख प्रतिवादियों के साथ समझौता होने के बाद पारित किया है.
समझौते से जुड़े प्रतिवादी और मामले
अमिताभ बच्चन द्वारा साल 2022 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसमें उनके सेलिब्रिटी स्टेटस का बिना अनुमति के व्यावसायिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था. हाल ही में जिन चार प्रतिवादियों के साथ समझौता हुआ है.
- राजत नागी: जिन्होंने ‘अमिताभ बच्चन वीडियो कॉल’ नाम से एक मोबाइल ऐप तैयार किया था.
- मनोज पब्लिकेशन: इस प्रकाशन संस्थान ने अमिताभ बच्चन की तस्वीर वाली सामान्य ज्ञान की किताबें (GK Books) प्रकाशित की थीं.
- तमाटिना (Tamatina): यह संस्था अभिनेता की तस्वीर वाले पोस्टर बेच रही थी.
- महेश पटेल: जिन्होंने amitabhbachchan.in नाम से डोमेन रजिस्टर कराया था.
इन सभी प्रतिवादियों ने समझौते के तहत अमिताभ बच्चन के पब्लिसिटी (प्रचार) और प्राइवेसी (गोपनीयता) के अधिकारों को स्वीकार किया है. उन्होंने अदालत को यह भरोसा दिया है कि वे भविष्य में अमिताभ बच्चन की बिना अनुमति के उनके नाम, तस्वीर, आवाज, समानता (Likeness) या व्यक्तित्व के किसी भी अन्य पहलू का इस्तेमाल नहीं करेंगे. यह शर्त प्रतिवादियों के कानूनी उत्तराधिकारियों और उनके कारोबार से जुड़े अन्य लोगों पर भी समान रूप से लागू होगी.
संस्थाओं पर भी रहेगा दायरा
दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश का दायरा बढ़ाते हुए इसमें अज्ञात लोगों और संस्थाओं को भी शामिल किया है. कोर्ट ने कहा कि अमिताभ बच्चन की याचिका और पेश किए गए तथ्यों से यह स्पष्ट होता है कि विभिन्न वेबसाइट्स, मोबाइल एप्लीकेशंस, पोस्टर्स और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए उनके व्यक्तित्व का लगातार और अनधिकृत (Unauthorized) इस्तेमाल किया जा रहा था. सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि अब कोई भी व्यक्ति इस तरह से उनके अधिकारों का उल्लंघन नहीं कर सकेगा.
केबीसी और लॉटरी का झांसा
अमिताभ बच्चन ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि कुछ लोग कौन बनेगा करोड़पति (KBC) और फर्जी लॉटरी का झांसा देकर आम जनता को ठगने के लिए उनकी तस्वीर, नाम और आवाज का अवैध रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं.
आराध्या बच्चन की याचिका
अमिताभ बच्चन के बाद उनकी पोती और अभिषेक-ऐश्वर्या राय बच्चन की बेटी आराध्या बच्चन ने भी फर्जी खबरों और वीडियो के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था.
यूट्यूब और गूगल की जिम्मेदारी
20 अप्रैल 2023 को दिए गए निर्देश में दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि यूट्यूब की यह नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है कि वह इस तरह की फर्जी खबरों और वीडियो को तुरंत हटाए और उन पर रोक लगाए. कोर्ट ने गूगल और विभिन्न यूट्यूब चैनलों से लिखित जवाब तलब किया था और गूगल को निर्देश दिया था कि आईटी नियम, 2021 (IT Rules 2021) के प्रावधानों का कड़ाई से पालन किया जाए.
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