रोशनी, आस्था और आध्यात्म के महापर्व दीपावली के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को श्री अयोध्या धाम में पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों और दर्शन-पूजन में हिस्सा लिया. मुख्यमंत्री ने सबसे पहले प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री हनुमानगढ़ी और उसके बाद श्री राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर प्रभु के चरणों में माथा टेका.
हनुमानगढ़ी में टेका माथा
दीपावली के इस पावन दिन की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री सुबह-सुबह श्री हनुमानगढ़ी पहुंचे. वहां उन्होंने संकटमोचन श्री हनुमान जी के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में उन्होंने सभी देशवासियों के लिए आरोग्यता, सुख, शांति और समृद्धि की कामना की.
मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये।।प्रभु श्री राम के आदर्शों एवं भारतीय संस्कृति की गौरवशाली विरासत के पावन उत्सव दीपावली के शुभ अवसर पर आज श्री अयोध्या धाम स्थित श्री हनुमानगढ़ी में ‘संकटमोचन’ श्री हनुमान जी के दर्शन-पूजन कर सभी के लिए सुख-शांति, आरोग्यता एवं समृद्धि हेतु प्रार्थना की।
जय बजरंगबली।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) November 8, 2026
रामलला के दरबार में की राष्ट्र उत्थान की प्रार्थना
हनुमानगढ़ी के बाद मुख्यमंत्री राम मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने अत्यंत श्रद्धा भाव से रामलला के दर्शन किए. इस दौरान उन्होंने राम स्तुति का पाठ करते हुए सनातन संस्कृति के शाश्वत मूल्यों को याद किया. इस मौके पर उन्होंने राम स्तुति का पाठ किया- रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे….
रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे।
रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः॥दीपावली का पावन पर्व सनातन संस्कृति की शाश्वत चेतना, मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के आदर्शों तथा धर्म, सत्य और आध्यात्मिक विरासत के शाश्वत मूल्यों का महापर्व है।
आज इस सुअवसर पर श्री अयोध्या धाम में प्रभु श्री रामलला के दर्शन-पूजन कर राष्ट्र के उत्थान, समाज के कल्याण एवं सर्वत्र मंगल हेतु प्रार्थना की।
जय श्री राम।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) November 8, 2026
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि दीपावली केवल भौतिक प्रकाश का पर्व नहीं है, बल्कि यह मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के आदर्शों, धर्म, सत्य और आध्यात्मिक विरासत के मूल्यों को अपने आचरण में उतारने का महान अवसर है. उन्होंने रामलला के दरबार में प्रार्थना की कि प्रभु की कृपा से संपूर्ण राष्ट्र का उत्थान हो और समाज में सर्वत्र मंगल एवं कल्याण का संचार हो.
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आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनी नई अयोध्या
बीते दिनों अयोध्या में आयोजित भव्य और ऐतिहासिक दीपोत्सव के बाद मुख्यमंत्री के इन धार्मिक कार्यक्रमों ने शहर की आध्यात्मिक महत्ता को और अधिक प्रगाढ़ कर दिया है. राम मंदिर के निर्माण के बाद से अयोध्या देश और दुनिया भर के श्रद्धालुओं के लिए अगाध श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बन चुकी है. स्थानीय संतों, पुजारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुए इन कार्यक्रमों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि नई अयोध्या अपनी प्राचीन गौरवशाली संस्कृति और सनातन परंपरा के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है.
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