Almora Flying Car: छोटे शहरों और गांवों के युवा अब अपनी प्रतिभा के दम पर ऐसे कमाल कर रहे हैं जो कभी फिल्मों में ही देखे जाते थे. उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से ताल्लुक रखने वाले युवा इनोवेटर रवि टमटा ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है जिसने पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है. रवि ने एक साल की कड़ी मेहनत और रिसर्च के बाद सिंगल-सीटर फ्लाइंग कार का सफल परीक्षण करके हर किसी को हैरान कर दिया है.
अल्मोड़ा के एक मैदान में जब खुद रवि ने इस उड़ने वाली कार में बैठकर उड़ान भरी तो वहां मौजूद लोग देखते रह गए. उनका यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है और हर कोई उनके इस हुनर की दाद दे रहा है.
कैसे तैयार हुई फ्लाइंग कार?
इस आधुनिक फ्लाइंग कार को ड्रोन टेक्नोलॉजी में जरूरी बदलाव और सुधार करके बनाया गया है. रवि ने अपने खुद के स्टार्ट-अप ‘हापिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड’ के बैनर तले इसे बनाया है और इस शानदार प्रोटोटाइप का नाम ‘हापिडा स्काई नेक्स’ रखा है. जानकारों का मानना है कि भारत में पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल यानी व्यक्तिगत उड़ने वाले वाहनों की दिशा में यह एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी कदम है.
पहले भी कर चुके अनोखे आविष्कार
रवि टमटा कोई पहली बार चर्चा में नहीं आए हैं बल्कि वे इससे पहले भी अपनी तकनीकी सोच से कई कमाल के गैजेट बना चुके हैं.
- इलेक्ट्रोलाइट पंप मशीन (2019): इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) को बेहद कम समय और कम खर्च में चार्ज करने की टेक्नोलॉजी.
- मोबाइल चार्जिंग शूज: चलते-फिरते पैरों की हरकत से मोबाइल चार्ज करने वाले अनोखे जूते.
- जीपीएस स्टिक: जंगलों में काम करने वाले वनकर्मियों की सुरक्षा और लोकेशन ट्रैक करने के लिए बनाई गई स्मार्ट लाठी.
रवि का यह आविष्कार आने वाले समय में देश में पर्सनल ट्रांसपोर्ट और अर्बन एयर मोबिलिटी की तस्वीर पूरी तरह बदल सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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