ChatGPT Medical Controversy: आपने इंसानों को फर्जी डॉक्टर बनकर इलाज करते तो सुना होगा, लेकिन क्या कभी किसी रोबोट या AI को ‘झोलाछाप डॉक्टर’ बनते सुना है? एक अजब-गजब मामला सामने आया है जहां एक व्यक्ति ने डॉक्टर के पास जाने के बजाय ChatGPT की बातें मानीं. फिर जो हुआ, उसने सबको हैरान कर दिया.
मुफ्त की सलाह और AI पर अंधविश्वास के चक्कर में एक व्यक्ति ने ChatGPT को ही अपना डॉक्टर बना लिया. AI के कहने पर अस्पताल न जाने और सिर्फ आराम करने से मरीज के दोनों फेफड़ों में खून के थक्के जम गए. अब पीड़ित ने OpenAI पर ‘झोलाछाप डॉक्टर’ की तरह बिना लाइसेंस इलाज करने का आरोप लगाकर भारी मुआवजे का केस दर्ज कराया है.
क्या है मामला? (AI medical advice)
विंटर्स नाम के एक व्यक्ति ने अपनी मेडिकल रिपोर्ट और लैब टेस्ट ChatGPT को दिखाए. AI ने पूरी चालाकी से डॉक्टर का रूप धारण कर लिया और उन्हें दवाइयां लेने की सलाह दे डाली. AI लगातार यही दिलासा देता रहा कि उन्हें अस्पताल जाने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. हद तो तब हो गई जब ChatGPT ने भावनात्मक डायलॉग मारते हुए कहा ‘भगवान ने आपके शरीर को लगातार असफल होने के लिए नहीं बनाया है’ इस ज्ञान के बाद विंटर्स का भरोसा AI डॉक्टर पर और पक्का हो गया.
लेकिन, AI का यह ‘इलाज’ भारी पड़ने लगा, विंटर्स को लगातार चक्कर आने लगे और उनका ब्लड प्रेशर अस्थिर रहने लगा. जब भी वे शिकायत करते, ChatGPT उन्हें बस आराम करने की सलाह देता रहा. मरीज बेफिक्र होकर आराम करता रहा और उधर उनकी हालत बिगड़ती चली गई.
असली डॉक्टर के पास जांच (legal action against OpenAI)
जब आखिरकार असली डॉक्टर के पास जांच कराई गई, तो बड़ा खुलासा हुआ. अत्यधिक आराम करने और गलत देखभाल की वजह से उनके दोनों फेफड़ों में खून के थक्के (Blood Clots) जम चुके थे, जान पर बनी तो विंटर्स की आंखें खुलीं और उन्होंने तुरंत OpenAI कंपनी के खिलाफ मुकदमा ठोक दिया. उनका सीधा आरोप है कि ChatGPT ने बिना किसी मेडिकल लाइसेंस के ‘झोलाछाप’ की तरह उनका इलाज किया और जान जोखिम में डाली.
मामला कोर्ट पहुंचते ही OpenAI ने सफाई दी और कहा ‘ChatGPT कोई डॉक्टर नहीं है. इसका इस्तेमाल कभी भी डॉक्टर की सलाह, जांच या इलाज के लिए नहीं किया जाना चाहिए.’
-भारत एक्सप्रेस
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