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ताबूत के अंदर से बोलने लगा मुर्दा…नजारा देखते ही मची भगदड़, जानें बंद कमरे का खौफनाक सच

China News: चीन में घटी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना! परिजनों ने बुजुर्ग महिला को मृत मानकर ताबूत में रख दिया था, लेकिन 2 दिन बाद ताबूत से गुनगुनाने की आवाज आई और महिला जिंदा निकल आई.

चीन में मरने के 2 दिन बाद ताबूत में जिंदा हुई महिला, अंदर से आने लगी थी गुनगुनाने की आवाज.

(AI IMAGE)

China Viral News: कुदरत और इंसान की सांसों के खेल में कभी-कभी ऐसे मिरेकल और रहस्य देखने को मिलते हैं जिन पर यकीन करना नामुमकिन सा लगता है. चीन से एक ऐसा ही रोंगटे खड़े कर देने वाला ‘अजब-गजब’ मामला सामने आया है, जहां दो दिन पहले जिस महिला को परिवार मरा हुआ मानकर ताबूत में बंद कर चुका था, वह अचानक जिंदा हो गई! यही नहीं, ताबूत के भीतर से उसके हल्के-हल्के गुनगुनाने की आवाजें आने लगीं, जिसे सुनकर रिश्तेदारों के होश उड़ गए.

चीन के हेबेई प्रांत में 70 साल की कैंसर पीड़ित महिला को 8 सितंबर को परिजनों ने मृत मानकर रेफ्रिजरेटेड ताबूत में रख दिया था. 9 सितंबर को ताबूत के अंदर से गुनगुनाने की आवाज आई, जिसके बाद परिजनों ने ढक्कन खोला तो महिला सांस ले रही थी. महिला ने आंखें भी खोलीं, लेकिन 11 सितंबर को उसकी वास्तव में मौत हो गई.डॉक्टरों के अनुसार यह ‘अपैरेंट डेथ’ का दुर्लभ मामला था.

मरा मानकर ताबूत में किया बंद, फिर हुआ चमत्कार

उत्तरी चीन के हेबेई प्रांत की रहने वाली 70 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला लंबे समय से सेरेब्रल थ्रोम्बोसिस (दिमाग में खून का थक्का) और कैंसर से जूझ रही थीं. 8 सितंबर को शरीर में कोई हलचल न दिखने पर परिजनों ने उन्हें मृत मान लिया. रिश्तेदार दूर-दराज से अंतिम दर्शन के लिए पहुंच सकें, इसके लिए शव को एक ‘रेफ्रिजरेटेड ताबूत’ में रख दिया गया. लेकिन किसी को क्या पता था कि असली सस्पेंस तो अभी शुरू होने वाला था.

‘अंदर से कौन गुनगुना रहा है?’ सुनकर उड़े परिजनों के होश!

9 सितंबर की शाम को जब घर में सन्नाटा था, तभी बहू को ताबूत के भीतर से धीमी-धीमी गुनगुनाने की आवाज सुनाई दी. पहले तो परिजनों को अपने कानों पर यकीन नहीं हुआ, लेकिन जब घबराकर ताबूत का ढक्कन खोला गया तो अंदर का नजारा देख सबकी बोलती बंद हो गई! महिला की सांसें चल रही थीं और उनके शरीर में जीवन के साफ संकेत मौजूद थे. 11 सितंबर को जब अन्य रिश्तेदार पहुंचे, तो महिला ने धीरे-धीरे अपनी आंखें भी खोलीं.

कुदरत का अजीब खेल: 2 दिन बाद फिर ली अंतिम सांस

हालांकि, महिला बेहद कमजोर थीं और कुछ खा-पी नहीं पा रही थीं. जीवन के संकेत मिलने के बाद भी उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और बदकिस्मती से 11 सितंबर की रात को ही उन्होंने दोबारा अंतिम सांस ली. इसके बाद 13 सितंबर को पूरे रीति-रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. जिसे 8 सितंबर को मृत समझा गया था, वह दो दिन तक ताबूत से आवाजें देती रही और फिर सचमुच इस दुनिया को अलविदा कह गई.

मेडिकल साइंस भी हैरान: क्या है ‘अपैरेंट डेथ’?

डॉक्टरों के मुताबिक यह हैरान करने वाला मामला ‘अपैरेंट डेथ’ (Apparent Death) का हो सकता है. यह एक ऐसी दुर्लभ डॉक्टरी स्थिति होती है, जिसमें इंसान का मेटाबॉलिज्म, सांसें और दिल की धड़कन इतनी धीमी हो जाती हैं कि सामान्य तरीके से देखने पर व्यक्ति मरा हुआ ही लगता है. साथ ही, ताबूत के हल्के ठंडे तापमान (रेफ्रिजरेशन) ने भी शरीर की गतिविधियों को और धीमा करके उन्हें एक तरह से सुरक्षित रखा.

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-भारत एक्सप्रेस



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