Bihar Ajab Gazab News: एक लड़का अपनी शादी के दिन अचानक गायब हो गया. परिजनों ने अपने जिगर के टुकड़े को बहुत ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाये. धीरे-धीरे बेटे के बिछड़े 18 साल हो गए. परिजनों को एक दिन खबर मिली की उनके बेटे जैसा एक लड़का पास के अस्पताल में भर्ती है. परिजन जब अस्पताल में अपने बेटे से मिलने पहुंचे तो उनकी आंखें भर आई. वो उनका बेटा ही था, जो 18 सालों बाद उनकी आंखों के सामने था. आपको सुनने में ये किसी फिल्म की कहानी भले ही लग रही हो, लेकिन ये कहानी 100 प्रतिशत सच है.
ये मामला बिहार के मुजफ्फरपुर का है. जहां गायघाट प्रखंड के लक्ष्मण नगर निवासी विश्वनाथ शाह के बेटे 18 सालों बाद मिले. 45 साल के गुमशुदा बेटे रौशन कुमार जब अपने परिजनों से जुदा हुए थे तब 27 साल के थे.
कमाने के लिए दिल्ली निकले और…
साल 2008 में रौशन अपने पड़ोसी दोस्त के साथ दिल्ली के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में बिछड़ गए. जिसके बाद परिजनों से लेकर दोस्तों तक ने उनकी खोज की, लेकिन वो नहीं मिले.
रौशन की मां रामपरी के अनुसार उनका बेटा पड़ोसी के साथ कमाने के लिए दिल्ली गया था, लेकिन वो रास्ते में ही भटक गया. फिर कभी नहीं मिला. हम उसे लाख ढूंढने की कोशिश किये, लेकिन सफल नहीं हो पाये. हम हार मानते हुए कई बार उसके श्राद्ध कर्म की भी कोशिश की, लेकिन हमारा दिल कभी नहीं माना. अब आखिरकार हमारा बेटा हमारे पास आ गया.
वहीं बेटे के वापस लौटने पर रौशन के पिता विश्वनाथ शाह बार-बार भगवान का शुक्रिया अदा करते दिखे. रौशन कुल तीन भाईयों में सबसे छोटे हैं.
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ग्रामीणों ने सुनाई दर्दनाक कहानी?
इस मामले में ग्रामीणों का अलग मत है. उनके अनुसार रौशन बचपन से ही बहुत तेज था. मैट्रिक की पढ़ाई के दौरान उसे एक लड़की से प्रेम हो गया था. मोबाइल फोन का जमाना आने के बाद उन्होंने फोन के जरिये अपनी प्रेमिका से संपर्क में रहे.
अंत में परिजनों को दोनों के मामले की जानकारी लग गई तो उन्होंने दोनों की शादी तय कर दी. शादी के दिन अचानक रौशन भाग गए और वापस नहीं लौटे. जिसके बाद लड़की पक्ष के लोगों ने बारात को रोक लिया. अंत में पैसे-रुपये को लेकर दोनों परिवारों के बीच समझौता हुआ. समझौते की रकम को रौशन के पिता ने खेत बेचकर चुकाया.
गांव में खुशी की लहर
अब 18 सालों बाद रौशन के लौटने से ग्रामीण काफी खुश हैं. रौशन के घर पहुंचकर ग्रामीण उनका हालचाल ले रहे हैं. परिवार और आस-पड़ोस में खुशी का माहौल है.
-भारत एक्सप्रेस
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