Disease of Eating Dirty Diapers: प्रेग्नेंसी के दौरान हॉर्मोनल बदलाव के चलते एक महिला को गंदे डायपर सूंघने और चबाने की विचित्र और खतरनाक लत लग गई है. इसे मनोवैज्ञानिक भाषा में ‘स्मेल फेटिश’ कहा जा सकता है. यह लत न केवल सामाजिक रूप से अजीब है, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी संक्रमण और बीमारियों को बुलावा दे रही है.
गंदे डायपर की महक बहुत पसंद
यह मामला ‘माई स्ट्रेंज एडिक्शन’ (My Strange Addiction) जैसी विचित्र लतों की श्रेणी में आता है. महिला का कहना है कि उसे पुराने और गंदे डायपर की महक बहुत पसंद है. वह जहां भी जाती है, अपने साथ गंदे डायपर लेकर घूमती है. जब भी उसे तलब महसूस होती है, वह उन्हें सूंघती है और कभी-कभी चबाने भी लगती है. महिला के अनुसार, डायपर जितना पुराना और गंदा होता है, उसे उतना ही ज्यादा ‘किक’ या नशा मिलता है.
प्रेग्नेंसी और हॉर्मोनल बदलाव से शुरू हुई कहानी
इस लत की शुरुआत महिला की प्रेग्नेंसी के दौरान हुई. महिला ने बताया कि हॉर्मोनल बदलावों के कारण उसकी सूंघने की शक्ति (Sense of smell) में बदलाव आया. शुरुआत में उसे सामान्य चीजें पसंद थीं, लेकिन धीरे-धीरे उसका आकर्षण गंदे डायपर की ओर बढ़ गया. अब यह उसकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है, जिसे वह चाहकर भी नहीं छोड़ पा रही है.
परिवार में डर और स्वास्थ्य का खतरा
महिला की इस हरकत से उसका परिवार और पति बेहद परेशान हैं. गंदे डायपर बैक्टीरिया और खतरनाक कीटाणुओं का घर होते हैं. ऐसे में इस गंदगी को सूंघना और चबाना होने वाले बच्चे और मां, दोनों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है. संक्रमण (Infection) का खतरा होने के बावजूद महिला इसे अपनी शारीरिक जरूरत बता रही है.
क्या है यह बीमारी?
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि यह स्थिति पैरोफीलिया (Paraphilia) या ओल्फैक्टरी फेटिश (Olfactory Fetish) का हिस्सा हो सकती है. प्रेग्नेंसी में हॉर्मोनल असंतुलन, भारी तनाव या किसी मानसिक आघात (Trauma) के कारण ऐसी विचित्र इच्छाएं पैदा हो सकती हैं. डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते इस व्यवहारिक समस्या का इलाज नहीं किया गया, तो इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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