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बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान लाएगी दिल्ली यूनिवर्सिटी! लॉन्च हुआ ‘मेक एन एल्डर स्माइल’ कैंपेन, युवाओं से जुड़ने की अपील

दिल्ली यूनिवर्सिटी के दौलत राम कॉलेज से ‘मेक एन एल्डर स्माइल’ कैंपेन की शुरुआत हुई. रिस्पेक्ट इंडिया की इस पहल का उद्देश्य युवाओं को बुज़ुर्गों के साथ समय बिताने, उनकी बातें सुनने और छोटी-छोटी मदद के जरिए उनके चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए प्रेरित करना है.

नई दिल्ली: बुज़ुर्गों के साथ कुछ पल बिताना, उनकी बातें ध्यान से सुनना या उनकी किसी छोटी-सी जरूरत में मदद करना—कई बार यही छोटी कोशिश किसी के दिन को खास बना देती है. इसी सोच को आगे बढ़ाने के लिए सामाजिक संस्था रिस्पेक्ट इंडिया ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के दौलत राम कॉलेज से ‘मेक एन एल्डर स्माइल’ कैंपेन की शुरुआत की है.

इस अभियान का मकसद युवाओं को बुज़ुर्गों के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित करना है. संस्था का मानना है कि अलग-अलग पीढ़ियों के बीच संवाद और अपनापन बढ़ने से न सिर्फ बुज़ुर्गों को खुशी मिलती है, बल्कि युवाओं को भी उनके अनुभवों और जीवन की कहानियों से सीखने का मौका मिलता है.

दौलत राम कॉलेज में हुआ कैंपेन का शुभारंभ

कैंपेन की शुरुआत दौलत राम कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. सविता रॉय की मौजूदगी में हुई. कार्यक्रम में दिल्ली यूनिवर्सिटी और कॉलेज से जुड़े कई प्रमुख प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. इस मौके पर दिल्ली यूनिवर्सिटी फाउंडेशन के सीईओ प्रो. अनिल कुमार, दिल्ली यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक प्रो. जी.एस. टुटेजा, प्रो. पदमश्री मुद्गल और राहुल झा सहित कई लोग मौजूद रहे.

कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर भी जोर दिया गया. कॉलेज की एनएसएस टीम ने इस अभियान को अपना समर्थन दिया है. डॉ. शारदा गौतम और स्वस्ति बंसल ने भी पहल को छात्र समुदाय तक पहुंचाने में सहयोग किया. एनएसएस टीम ने छात्रों से बड़ी संख्या में इस मुहिम से जुड़ने की अपील की है.

‘मेक एन एल्डर स्माइल’ कैंपेन में हिस्सा लेने के लिए युवाओं को कोई बड़ा या मुश्किल काम करने की जरूरत नहीं है. अभियान का विचार बेहद सीधा है—किसी बुज़ुर्ग के साथ थोड़ा समय बिताइए, उनकी बातें सुनिए, उनके अनुभव जानिए, उनकी मदद कीजिए या उनके साथ ऐसा कोई यादगार पल बिताइए, जिससे उनके चेहरे पर मुस्कान आ सके.

इस दौरान युवाओं को उस खास पल को फोटो या इंस्टाग्राम रील के जरिए रिकॉर्ड करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है. प्रतिभागियों को कैंपेन के लिए दिए गए आधिकारिक ‘रिस्पेक्ट इंडिया’ फोटो फ्रेम का इस्तेमाल करना होगा.

इसके बाद फोटो या रील को इंस्टाग्राम पर शेयर कर @Respect_India को टैग करना होगा और #MakeAnElderSmile हैशटैग का इस्तेमाल करना होगा. प्रतिभागियों से यह भी कहा गया है कि वे कुछ शब्दों में अपनी कहानी जरूर बताएं—आखिर उस पल को खास क्या बनाता है और बुज़ुर्ग के साथ समय बिताने के बाद उन्हें कैसा महसूस हुआ.

100 दिल छू लेने वाली कहानियों को मिलेगा गिफ्ट हैम्पर

कैंपेन में शामिल होने के लिए दिए गए QR कोड को स्कैन कर रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है. फोटो के साथ साझा की गई कहानियों में से सबसे सच्ची और दिल को छू लेने वाली 100 कहानियों को रिस्पेक्ट इंडिया की ओर से विशेष गिफ्ट हैम्पर के लिए चुना जाएगा.

संस्था का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें साझा करना नहीं है. इसके पीछे एक बड़ा विचार है—लोगों को अपने आसपास मौजूद बुज़ुर्गों के साथ समय बिताने और उनके साथ रिश्ते मजबूत करने के लिए प्रेरित करना.

कॉलेज से पूरे देश तक ले जाने की तैयारी

दौलत राम कॉलेज में हुआ यह लॉन्च रिस्पेक्ट इंडिया की बड़ी योजना की शुरुआत माना जा रहा है. संस्था ‘मेक एन एल्डर स्माइल’ को आगे चलकर देश के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाना चाहती है. इसके लिए कॉलेजों, यूनिवर्सिटीज, स्कूलों, गैर-लाभकारी संस्थाओं, कॉरपोरेट्स, सांस्कृतिक संस्थानों, कम्युनिटी ऑर्गनाइजेशन और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को अभियान से जोड़ने की योजना है.

संस्था ऐसा नेटवर्क तैयार करना चाहती है, जिसमें अलग-अलग संस्थान अपने स्तर पर गतिविधियां आयोजित कर सकें और युवाओं को बुज़ुर्गों के साथ जुड़ने के अवसर दे सकें. इन अनुभवों को आगे साझा करके अभियान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की भी कोशिश होगी.

रिस्पेक्ट इंडिया का विज़न है कि बुज़ुर्गों के चेहरे पर मुस्कान लाने जैसा एक सरल संदेश धीरे-धीरे एक बड़े सामाजिक आंदोलन का रूप ले. इस पहल के जरिए सम्मान, साथ, भरोसे और पीढ़ियों के बीच बेहतर संवाद को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है.

2007 से सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय है रिस्पेक्ट इंडिया

साल 2007 में स्थापित रिस्पेक्ट इंडिया सामाजिक कल्याण और समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में काम करने वाली संस्था है. संस्था के काम के प्रमुख क्षेत्रों में बुज़ुर्गों की देखभाल और सुरक्षा, बच्चों के साथ दुर्व्यवहार की रोकथाम, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सेवाएं, पर्यावरण से जुड़े अभियान, सामाजिक कल्याण के कार्य तथा भारतीय कला, संस्कृति और विरासत को बढ़ावा देना शामिल है.

पूर्व राज्यपाल एवं गृह सचिव बाल्मीकि प्रसाद सिंह संस्था के मुख्य संरक्षक हैं. संस्था के अध्यक्ष विकास सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट एवं पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल हैं. डॉ. मनीष कुमार चौधरी संस्था के संस्थापक एवं महासचिव हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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