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Anushi




भारत एक्सप्रेस


आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की गिरफ्तारी के विरोध में आम आदमी पार्टी ने गुस्सा जाहिर किया। दिल्ली में इसको लेकर बीजेपी कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया। पुलिस से भिड़ने के बाद कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।

ईडी ने कथित शराब घोटाले में पूछताछ के बाद आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सांसद संजय सिंह को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया. आइए जानते हैं कि संजय सिंह का राजनीतिक सफर कहां से और कैसे शुरू हुआ और वह अरविंद केजरीवाल के इतने खास कैसे बन गए.

AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह पार्टी का सबसे अहम चेहरा हैं. उनकी गिरफ्तारी से पार्टी को झटका लगा है. वह चुनावी राज्यों के अलावा पूर्वोत्तर और देश के दूसरे राज्यों में संगठन निर्माण में संदीप पाठक के साथ महत्वपूर्ण भूमिका रहे हैं.

संजय सिंह की गिरफ्तारी के बाद ईडी और इनकम टैक्स ने चार राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी की है. ईडी ने नगर पालिका भर्ती घोटाले के मामले में पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री रथिन घोष के यहां छापेमारी की. तो आईटी ने चेन्नई में डीएमके सांसद के यहां रेड डाली है.

मायावती ने कहा है कि यूपी सरकार को अपनी नीति और नीयत में जनभावना का ध्यान रखते हुए जातीय आधारित गणना पर सर्वे शुरू कर देना चाहिए। यह भी कहा कि असल में केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर जनगणना कराकर ही वाजिब अधिकार सुनिश्चित किया जा सकता है।

जाति आधारित जनगणना की मांग एक बार फिर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार को परेशान करने लगी है। आम चुनावों में मुश्किल से एक साल रह गए हैं और इसलिए वह इस संवेदनशील मुद्दे पर फूंक-फूंककर कदम रख रही है।

3 अक्टूबर 1977 का दिन था। CBI के अफसर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के घर पहुंचते हैं और उन्हें चुनाव प्रचार के लिए जीप की खरीदी में भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार करते हैं। जनता पार्टी की इस राजनीतिक भूल को 'ऑपरेशन ब्लंडर' कहा जाता है। इंदिरा को गिरफ्तारी का नुकसान नहीं, बल्कि फायदा हुआ।

मध्यप्रदेश की तर्ज पर बीजेपी राजस्थान में भी सांसदों को चुनाव लड़वाएगी। लेकिन मुश्किल सीटों पर। दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति और पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक में पहुंचे प्रदेश के सांसदों को विधानसभा चुनाव के लिए तैयार रहने को कहा गया है। साथ ही यह भी कहा है कि वे सेफ सीट की उम्मीद नहीं करें।

छत्तीसगढ़ भाजपा ने प्रत्याशियों की सूची तय कर ली है। इसमें कई तरह के प्रयोग भी किए गए हैं। नए चेहरों को शामिल किया जा रहा है। अभी करीब 50 नामों पर मुहर लग चुकी है। ​​​​​राजनांदगांव से डा. रमन सिंह, लोरमी से अरुण साव, धरसीवां से अनुज शर्मा और बसना से संपत अग्रवाल का नाम लगभग तय माना जा रहा है।

राजस्थान विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक हुई। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहे। बैठक में बीजेपी की पहली लिस्ट पर चर्चा के बाद अंतिम मुहर लगी। बैठक में 40 से 50 प्रत्याशियों के नाम तय हैं।