उपेन्द्र राय, सीएमडी / एडिटर-इन-चीफ, भारत एक्सप्रेस
भारत एक्सप्रेस
ऐतिहासिक अवसर है संसद का विशेष सत्र
विशेष सत्र में पांच नए विधेयक भी पेश किए जाएंगे जिनका उद्देश्य शासन और सार्वजनिक सेवा के विभिन्न पहलुओं में सुधार और आधुनिकीकरण करना है.
भारत की जी20 अध्यक्षता और शिखर सम्मेलन: वैश्विक नेतृत्व और प्रभाव में एक मील का पत्थर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत ने G20 शिखर सम्मेलन की सफलतापूर्वक मेजबानी की. इस शिखर सम्मेलन के दौरान विश्व बिरादरी ने भारत के प्रस्तावों पर एकमत होकर निर्णय लिया.
PM मोदी का मास्टरस्ट्रोकः जी-20 समिट ने भारत के नेतृत्व और इनोवेशन से दुनिया को कराया रूबरू
G20 शिखर सम्मेलन दुनिया की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं की एक वार्षिक बैठक है, जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 80%, वैश्विक व्यापार का 75% और वैश्विक आबादी का 60% हिस्सा है.
चीन पर ‘बीस’ भारत
चीन का मामला भी ऐसा ही दिखता है जो भारत के बढ़ते कद को पचा नहीं पा रहा है. शायद इसलिए ही चीन ने इस सम्मेलन को कमतर दिखाने के लिए राष्ट्रपति शी जिनपिंग का दिल्ली दौरा रद्द कर उनकी जगह अपने प्रधानमंत्री ली कियांग को भेजा है.
चुनावी सियासत का सनातनी संग्राम
दूसरी तरफ बीजेपी है जिसकी दिक्कत यह है कि तमाम आक्रामक प्रचार के बावजूद वो उदयनिधि के बयान की आलोचना करने में सतर्कता भी बरत रही है क्योंकि सवाल फिर आंबेडकर और पेरियार पर भी उठते हैं.
OCCRP रिपोर्ट में सार और विश्वसनीयता का अभाव, अडानी ग्रुप को बदनाम करने की है कोशिश
यह रिपोर्ट पुराने आरोपों पर आधारित है जिनकी भारतीय अधिकारी पहले ही जांच कर चुके हैं और उन्हें खारिज कर चुके हैं. रिपोर्ट संदिग्ध स्रोतों और दस्तावेजों पर निर्भर करती है जो इसके दावों को साबित नहीं करते हैं.
एक देश, एक चुनाव: भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सुधार
देश में बार-बार होने वाले चुनावों के भारत के लोकतंत्र और विकास पर कई प्रतिकूल प्रभाव पड़ते हैं.
इंडिया बनाम एक देश, एक चुनाव का दांव
मुंबई की बैठक में इंडिया गठबंधन का लोगो तो सामने नहीं आ पाया लेकिन गठबंधन ने इसमें अपना स्लोगन जरूर फाइनल कर लिया है।
अडानी को बदनाम करने में जॉर्ज सोरोस का हाथ! OCCRP को दे रहे फंड?
अडानी समूह पर ओसीसीआरपी रिपोर्ट भारत के सबसे सफल और सम्मानित औद्योगिक समूहों में से एक की छवि और प्रतिष्ठा को धूमिल करने का एक संदिग्ध और दुर्भावनापूर्ण प्रयास है. रिपोर्ट कमजोर और मनगढ़ंत दस्तावेजों पर आधारित है, जिसका अडानी समूह और अधिकारियों द्वारा पहले ही खंडन किया जा चुका है.
बिगड़ रहा है चीन का ‘नक्शा’
चोर चोरी से जाए, सीनाजोरी से न जाए। कहावत पुरानी है, लेकिन हमारे पड़ोसी चीन से जुड़े बार-बार के नए संदर्भों पर एकदम सटीक बैठती है।





