उपेन्द्र राय, सीएमडी / एडिटर-इन-चीफ, भारत एक्सप्रेस
भारत एक्सप्रेस
मंडल-कमंडल का लौटेगा दौर?
राजनीतिक नफे-नुकसान से इतर इस बात में कोई दो-राय नहीं कि जातिगत जनगणना भारतीय राजनीति में जाति के महत्व को बढ़ाएगी।
नूंह में सांप्रदायिक हिंसा: सर्वधर्म समभाव से निकलेगी समाधान की राह
हिंसा का यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा है। देश की सर्वोच्च अदालत ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती बढ़ाने और नफरत फैलाने वाले भाषण पर रोक लगाने का आदेश दिया है।
ग्लोबल बॉइलिंग के दौर में दुनिया, अभी तो यह शुरुआत है…
अपनी नजरों को देश की सीमाओं में सीमित करें तो हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और राजस्थान समेत देश के कई राज्यों में बाढ़ और बारिश से हालात विकट हो गए हैं।
लाइलाज ना बन जाए मणिपुर का मर्ज
केन्द्र सरकार राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला करे या नहीं, यह उसका विशेषाधिकार है लेकिन व्यापक यौन हिंसा से निपटने के उपाय तो अवश्य ही उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में होने चाहिए।
दिग्गज कॉरपोरेट घराने और उनके पतन के पीछे की कहानी
कॉरपोरेट के पतन में तमाम ऐसी वजह हैं जिनमें भयंकर प्रतिस्पर्धा, महत्वाकांक्षी विविधीकरण, आर्थिक मंदी, कुप्रबंधन और अस्थिर ऋण स्तर का होना शामिल है.
विपक्षी गठबंधन ने रोचक बनाया 2024 का महासमर; नए नाम से बनेगा काम?
अब सवाल है कि विपक्ष का चुनावी अभियान कैसा होना चाहिए? मोदी हटाओ, लोकतंत्र बचाओ का नकारात्मक अभियान लक्ष्य सिद्धि के लिए सकारात्मक साबित नहीं हो पाएगा।
बुलंद हो रहा ‘जय भारत’ का नारा
फ्रांस की राजधानी पेरिस में बैस्टिल-डे परेड में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति निश्चित ही 140 करोड़ देशवासियों के लिए राष्ट्रीय गर्व का विषय है।
बाढ़ से बेहाल; अब नहीं संभले तो बदतर होंगे हालात
केवल भारत ही नहीं, धरती का तापमान बढ़ने से जो असर बारिश और बाढ़ की शक्ल में देखने को मिल रहा है वो पूरी दुनिया को परेशान कर रहा है।
दो दिग्गजों की दास्तान: गौतम अडानी और धीरूभाई अंबानी की उद्यमिता का सफर
गौतम अडानी और धीरूभाई अंबानी की उद्यमिता की जर्नी दूरदर्शिता, दृढ़ता और नवाचार की परिवर्तनकारी शक्ति का उदाहरण है.
शिखर पर साख
राष्ट्रहित की ओर लक्षित प्रधानमंत्री मोदी की यह साफगोई चीन की बेल्ट एंड रोड पहल के मामले में भी दिखी। साम्राज्यवादी चक्रव्यूह को विस्तार देने वाली चीन की यह महत्वाकांक्षी परियोजना गिलगित-बाल्टिस्तान और पीओके पर भारत के आधिकारिक दावे और दक्षिण-एशियाई क्षेत्र में भारतीय प्रभाव की राह में एक चुनौती है।





