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आज़ादी विशेष

इस दिन यहां के लोग नए-नए कपड़े पहनते हैं, एक दूसरे से गले मिलते हैं और आपस में मिठाईयां बांटते हैं.

आपको जानकर खुशी होगी कि सदियों तक हिंदुस्तान को गुलाम बनाकर रखने वाली इस कंपनी पर अब एक भारतीय राज कर रहा है.

वह स्कूल में मैथ्स और अंग्रेजी पढ़ाते थे लेकिन उनके पढ़ाने के स्टाइल से अन्य शिक्षकों के साथ उनका विवाद हो गया था.

मुंशी प्रेमचंद ने अपने लेखन से समाज और देश को जागरूक करने का काम किया. उन्होंने साल 1905 में ‘जमाना’ नाम के पत्र में पहली बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता गोपाल कृष्ण गोखले पर एक लेख लिखा.