दिल्ली-एनसीआर में साल 2010 में बने M3M ग्रुप ने हजारों लोगों को ठगा.
M3M Builder News: दिल्ली-एनसीआर के बिल्डर M3M ग्रुप की काली करतूतों और धोखाधड़ी के मामलों पर भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क लगातार खुलासे कर रहा है. आज टीवी पर ‘M3M का पर्दाफाश पार्ट-4’ आएगा, जिसमें M3M से डरे Buyers के बयान और आपबीती को आप देख सकेंगे. रात 8 बजे से 9:30 बजे तक आप इसे हमारे चैनल पर देख सकते हैं. इसके अलावा भारत एक्सप्रेस के यूट्यूब चैनल पर भी लाइव देख सकते हैं.
कई सालों तक प्रताडि़त होते रहे Buyers ने पहली बार ‘भारत एक्सप्रेस’ खुलकर बताया कि कैसे M3M ग्रुप ने उनसे बड़ी रकम लेकर, उन्हें किसी भी प्रकार की संपत्ति नहीं दी. ‘M3M का पर्दाफाश’ सीरीज के माध्यम से भारत एक्सप्रेस न्यूज चैनल पर M3M के धोखाधड़ी और जालसाजी के कारनामों का पर्दाफाश हो रहा है. बीते रोज कई पीड़ितों ने M3M पर गंभीर आरोप लगाए थे.
#M3MExposed | Part 3
Tonight, 8 PM
⚡ Impact of Bharat Express’ relentless investigation
⚡ Super Exclusive: Crackdown on a fraudulent builder
⚡ A nexus of deceit, hooliganism & land grabs
⚡ Hundreds of acres—scammed & snatched
⚡ Victims finally breaking their silence
⚡… pic.twitter.com/YB62qVsKzT— Mitalli Chandola 🇮🇳 (@journomitalli1) February 9, 2025
बीते दिनों भारत एक्सप्रेस पर जब M3M ग्रुप की करतूतों का खुलासा हुआ, तो हजारों खरीदारों ने वीडियो संदेश भेजकर अपनी आपबीती सुनाई. इनमें से कई ने दावा किया कि उन्हें डर था कि अगर वे कैमरे पर सामने आए, तो उनकी जान को खतरा हो सकता है. वहीं, दूसरी ओर यह सामने आया कि M3M के मालिकों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद भी उन्हें कोई तगड़ा नुकसान नहीं हुआ. वे पहले की तरह घपले करते रहे.
खुल रहीं M3M ग्रुप की धोखाधड़ी की परतें
पीडितों की जुबानी, M3M ग्रुप के मालिकों ने अपनी काली करतूतों के जरिए हजारों लोगों से करोड़ों रुपए हड़पे हैं. कंपनी ने लोगों से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन उन्हें न तो संपत्ति दी और न ही उनका पैसा वापस किया. M3M के खिलाफ जांच में यह बात सामने आई कि इस ग्रुप ने न केवल खरीदारों को धोखा दिया, बल्कि सरकारी एजेंसियों को भी चकमा दिया.

भारत एक्सप्रेस की ग्राउंड रिपोर्ट में खुलासे
भारत एक्सप्रेस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने M3M ग्रुप के खिलाफ कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, M3M ग्रुप के प्रमोटर्स, बसंत बंसल, रूप कुमार बंसल, और पंकज बंसल पर आरोप हैं कि उन्होंने अपने ग्राहकों से पैसे लेकर उन्हें संपत्ति नहीं दी. इसके अलावा, कंपनी के कर्मचारी भी पीड़ितों से मिलने से इंकार कर रहे थे और किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए तैयार नहीं थे.
बेलआउट के बावजूद जारी रही धोखाधड़ी
M3M के प्रमोटर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के बावजूद, वे अपना धंधा फिर से शुरू करने में सफल रहे. भारत एक्सप्रेस के ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान देखा गया कि M3M के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे Buyers को गुमराह किया जा रहा था और उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही थी. हालांकि, भारत एक्सप्रेस ने इसे रुकने नहीं दिया और पीड़ितों की आवाज़ को उठाया.
Buyers को झेलना पड़ा दर्द और पीड़ा
भारत एक्सप्रेस की टीम ने M3M के पीड़ितों से मुलाकात की और उनके संघर्ष को सामने लाई. कुछ पीड़ितों ने बताया कि M3M ने उन्हें अपार्टमेंट के सपने दिखाए थे, लेकिन वर्षों बाद भी उन्हें न तो फ्लैट मिला और न ही उनकी रकम वापस की गई. पीड़ितों ने भारत एक्सप्रेस से अपील की कि वे उनके मामले को हल करने के लिए कदम उठाएं.
M3M के खिलाफ प्रशासनिक कार्यवाही
M3M ग्रुप के खिलाफ कई सरकारी एजेंसियों द्वारा कार्रवाई की गई, जिनमें ED और CBI प्रमुख हैं. हालांकि, इसके बावजूद M3M के प्रमोटर्स ने अपने तरीके बदलने के बजाय, अपना कारोबार और भी बड़े पैमाने पर फैलाया. इस दौरान, M3M के प्रमुख बसंत बंसल ने अपने 60वें जन्मदिन पर करोड़ों रुपये खर्च करके चांदी का सिक्का जारी किया, जबकि उनकी कंपनी के कर्मचारियों द्वारा किए गए घोटालों की जानकारी सामने आई.
अधिकांश लोगों का धैर्य अब टूट चुका!
अधिकांश M3M के खरीदारों का धैर्य अब टूट चुका है. संवाददाता ने बताया कि जब कई Buyers अपनी संपत्ति के बारे में पूछने के लिए M3M के ऑफिस गए, तो उन्हें बाउंसर्स द्वारा बाहर का रास्ता दिखाया गया. Buyers ने आरोप लगाया कि बिल्डर के खिलाफ सभी शिकायतों के बावजूद, M3M ने उन्हें किसी भी प्रकार का समाधान नहीं दिया.
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता की प्रतिक्रिया
भारत एक्सप्रेस ने इस मामले को कवर करते हुए, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से भी प्रतिक्रिया ली. अधिकारियों का कहना है कि M3M के खिलाफ कई मामलों में कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन प्रभावी कदम उठाने के लिए कानून के तहत मजबूती से काम करने की जरूरत है.
भारत एक्सप्रेस करता रहेगा बेनकाब
M3M ग्रुप के खिलाफ धोखाधड़ी के मामलों की यह एक लंबी और जटिल जांच है, जिसमें पीड़ितों के मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है. भारत एक्सप्रेस का यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक इस मामले में पूरी तरह से न्याय नहीं हो जाता.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



