उड़ानों को तरसते नए एयरपोर्ट: करोड़ों खर्च के बाद भी खाली रनवे, कहां चूक गई UDAN योजना?
UDAN योजना के तहत छोटे शहरों में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कई एयरपोर्ट विकसित किए गए, लेकिन कुछ केंद्रों पर नियमित उड़ानें बंद हो चुकी हैं. इससे रखरखाव खर्च, मांग के आकलन और क्षेत्रीय विमानन मॉडल की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं
‘सांप मारो और इनाम पाओ…’ जानिए क्या है ‘कोबरा इफेक्ट’ और कैसे एक योजना ने दिल्ली में बढ़ा दिए थे जहरीले सांप
ब्रिटिश राज में दिल्ली के सांपों को खत्म करने के लिए मरे कोबरा पर इनाम की योजना शुरू हुई, लेकिन इसका नतीजा उल्टा रहा. जानिए क्या है अर्थशास्त्र का 'कोबरा इफेक्ट'.
समुद्र की सुरक्षा पर BRICS का फोकस, पीएम मोदी ने रखा सीफेरर्स के लिए इमरजेंसी नेटवर्क का प्रस्ताव
BRICS Summit में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समुद्र में संकट का सामना करने वाले सीफेयरर्स के लिए Seafarers’ Emergency Support Network बनाने का प्रस्ताव रखा. इसका उद्देश्य समुद्री एजेंसियों और राजनयिक मिशनों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए संकट में फंसे कर्मचारियों तक सहायता पहुंचाना है.
आयुर्वेद के नाम पर कानून की अनदेखी करते नीम-हकीम
आयुर्वेदिक इलाज के नाम पर गंभीर बीमारियों को ठीक करने के दावे करने वाले कथित ‘आचार्यों’ और ‘बाबाओं’ पर सवाल उठ रहे हैं. कानून में इलाज के लिए मान्यता प्राप्त योग्यता और रजिस्ट्रेशन जरूरी हैं, जबकि भ्रामक चमत्कारी दावों पर विज्ञापन कानून भी लागू हो सकता है.
गोधरा, चारा घोटाला, CBI और दिल्ली; इतिहास के विद्यार्थी से चर्चित IPS अफसर तक राकेश अस्थाना की पूरी कहानी
चारा घोटाले की जांच से सुर्खियों में आए राकेश अस्थाना का करियर सिर्फ एक बड़े केस तक सीमित नहीं रहा. लालू यादव की गिरफ्तारी से लेकर गोधरा, अहमदाबाद ब्लास्ट और सीबीआई विवाद तक, उनकी कहानी में ऐसे कई मोड़ हैं, जिनके पीछे की अनकही कहानी आज भी सवाल खड़े करती है.
विरासत से आगे दीपक ठाकुर: कैसे बना रहे हैं अलग पहचान?
दीपक ठाकुर कौन हैं? सीपी ठाकुर के बेटे की सोशल एंटरप्रेन्योरशिप, किसान, AI, यूथ, ई-कॉमर्स और सस्टेनेबल एनर्जी पर सोच जानिए, जानिए की वह कैसे विरासत के अलग अपने एक पहचान बना रहे हैं.
आजादी का अधूरा हिसाब: दो तस्वीरें, तैंतीस साल
1991 economic crisis: 1991 में भारत को 47 टन सोना लंदन भेजना पड़ा था, आज विदेशी मुद्रा भंडार 729 अरब डॉलर के करीब है. 33 साल के आर्थिक सुधारों में भारत ने क्या पाया और क्या अब भी अधूरा है?
हर हाथ में स्मार्टफोन, हर छात्र बना रिपोर्टर! जनता की जागरूकता से कैसे मजबूत हो सकता है लोकतंत्र?
Public Awareness And Democracy: स्मार्टफोन और सोशल मीडिया ने आम नागरिकों को अपनी समस्याएं सामने रखने की ताकत दी है. जानिए जनता की जागरूकता लोकतंत्र को कैसे मजबूत कर सकती है.
सेवा में चुप्पी, सेवानिवृत्ति पर सनसनी!
Retired Bureaucrats Revelations: सेवानिवृत्त अधिकारियों के सेवा के बाद किए गए खुलासे क्या लोकहित में हैं? जानिए सेवा में चुप्पी, राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक जवाबदेही पर यह सवाल.
क्या पूरे भारत के लिए एक ही IST रखना बेहतर है? या देश में एक से ज्यादा Time Zones होने चाहिए; पढ़ें पूरा विश्लेषण
India Time Zone Debate: क्या भारत में एक IST की जगह दो Time Zones होने चाहिए? जानें IST का इतिहास, पूर्वोत्तर की समस्या, UTC+6 प्रस्ताव, ऊर्जा बचत और One Nation One Time की पूरी बहस.







