Cobra Effect History
ब्रिटिश राज के दौरान दिल्ली में जहरीले कोबरा सांपों की संख्या ने अधिकारियों को चिंतित कर दिया था. समस्या का समाधान निकालने के लिए उन्होंने एक सरल योजना बनाई कि हर मरे हुए कोबरा के बदले इनाम देने का ऐलान.
शुरू में यह योजना सफल दिखी. लोग बड़ी संख्या में सांप मारकर इनाम लेने लगे और शहर में कोबरा की संख्या घटने लगी. लेकिन जल्द ही एक नई समस्या सामने आई.
क्यों लोग पालने लगे कोबरा?
स्थानीय लोग इनाम कमाने के लिए कोबरा पालने लगे. वे सांपों को घरों में पालते, बढ़ाते और फिर मारकर सरकार से पैसा लेते. जब अधिकारियों को इस ‘विकृत प्रोत्साहन’ का पता चला, तो उन्होंने पूरी योजना बंद कर दी.
इनाम बंद होते ही पालकों ने अपने सांप छोड़ दिए. नतीजा यह हुआ कि दिल्ली में कोबरा की संख्या पहले से भी ज्यादा हो गई.
क्या है Cobra Effect?
यह घटना आज कोबरा प्रभाव (Cobra Effect) के नाम से जानी जाती है. इसका मतलब है कि ऐसी स्थिति जब किसी नीति या इनाम-प्रणाली के कारण लोग ठीक उल्टा व्यवहार करने लगते हैं, जो असल मकसद के विपरीत होता है.
अर्थशास्त्री और नीति-निर्माता इस उदाहरण का इस्तेमाल अक्सर करते हैं. वे बताते हैं कि कैसे मापने योग्य लक्ष्य और पुरस्कार लोगों के व्यवहार को विकृत कर सकते हैं. जब केवल संख्या या दिखावटी नतीजे पर जोर दिया जाता है, तो लोग असली समस्या हल करने की बजाय सिस्टम को धोखा देने के तरीके खोज लेते हैं.
कोबरा प्रभाव हमें याद दिलाता है कि किसी भी नीति को बनाते समय सिर्फ अच्छे इरादे काफी नहीं होते. प्रोत्साहनों का दीर्घकालिक और अप्रत्यक्ष प्रभाव भी सोचना जरूरी है. वरना इरादा अच्छा होने के बावजूद नतीजा पहले से बदतर हो सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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