अडानी ग्रुप और देश के ऊर्जा क्षेत्र को लेकर वैश्विक बाजार से एक बेहद सनसनीखेज और सकारात्मक खबर सामने आई है. अमेरिका की दिग्गज न्यूक्लियर और क्लीन एनर्जी कंपनी ‘होल्टेक इंटरनेशनल’ (Holtec International) के संस्थापक और सीईओ डॉ. क्रिस सिंह ने एक बड़ा दावा किया है.
उनके मुताबिक, अडानी ग्रुप का अमेरिका में अपने कानूनी मसलों और विवादों को पूरी तरह सुलझा लेना, भारत की न्यूक्लियर एनर्जी (परमाणु ऊर्जा) की महत्वाकांक्षाओं और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को सुपरफास्ट रफ्तार देने वाला साबित होगा.
भारत के परमाणु कार्यक्रम में एंट्री मारेंगे अडानी
एक विशेष इंटरव्यू में डॉ. क्रिस सिंह ने खुलकर कहा कि इस बड़े समझौते के बाद अब अडानी ग्रुप को भारत के तेजी से बढ़ते न्यूक्लियर एनर्जी कार्यक्रम में बहुत ज्यादा सक्रिय और बड़े स्तर पर हिस्सा लेने का सीधा मौका मिलेगा. उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि मुझे यह देखकर बेहद खुशी है कि यह कानूनी मसला अब पूरी तरह हल हो गया है. इस रुकावट के खत्म होने से अडानी ग्रुप अब भारत के उस महत्वाकांक्षी न्यूक्लियर प्रोग्राम में अपना योगदान दे सकता है, जिसकी शुरुआत अभी-अभी देश में हुई है.
अनुभव बनेगा न्यूक्लियर सेक्टर का नया हथियार
डॉ. क्रिस सिंह ने अडानी ग्रुप की तारीफ करते हुए उन्हें इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र का एक ग्लोबल खिलाड़ी बताया. उन्होंने रणनीतिक नजरिए से समझाते हुए कहा कि बंदरगाहों (सी-पोर्ट्स) और देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को समय पर बनाने में इस ग्रुप के पास जो जबरदस्त अनुभव है.
उसकी बदौलत यह कंपनी भारत के भविष्य के न्यूक्लियर विकास को संभालने के लिए सबसे मजबूत स्थिति में खड़ी है. उधर, अडानी ग्रुप के सीएफओ (CFO) ने भी साफ किया कि कंपनी सिर्फ अपना बिजनेस नहीं बढ़ा रही बल्कि देश के एक बड़े ‘राष्ट्रीय विज़न’ को पूरा करने में जुटी है.
अमेरिकी सीईओ ने बताई न्यूक्लियर की ताकत
भारत के औद्योगिक विस्तार और आने वाले दशकों की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर डॉ. क्रिस सिंह ने एक बहुत ही कड़वा लेकिन जरूरी सच सामने रखा. उन्होंने कहा कि सिर्फ सोलर (सौर) और विंड (पवन) जैसी रिन्यूएबल ऊर्जा से भारत जैसे विशाल देश की बढ़ती बिजली की मांग को कभी पूरा नहीं किया जा सकता.
सोलर प्रणालियों को हमेशा बैटरी लाइफ, भारी स्टोरेज और ग्रिड की स्थिरता जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. इसके विपरीत, न्यूक्लियर एनर्जी बिना रुके चौबीसों घंटे स्थिर बिजली मुहैया कराती है, जो किसी भी बड़ी औद्योगिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती है.
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बिहार के लाल ने अमेरिका में गाड़ा है झंडा
होल्टेक के सीईओ ने भारत में ‘छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों’ (SMR) को लाने का पुरजोर समर्थन किया है, जो महंगे ट्रांसमिशन नेटवर्क पर निर्भरता को खत्म कर देश के कोने-कोने तक बिजली पहुंचा सकते हैं. गौरतलब है कि होल्टेक इंटरनेशनल की स्थापना 1986 में मूल रूप से बिहार के रहने वाले डॉ. क्रिस सिंह ने ही की थी, जो आज दुनिया की सबसे बड़ी स्वच्छ ऊर्जा कंपनियों में से एक है. उन्होंने खुलासा किया कि उनकी कंपनी भविष्य के न्यूक्लियर सहयोग को लेकर भारतीय अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत कर रही है, और उन्होंने भारत के इस कोर सेक्टर में विदेशी निवेश के दरवाजे और ज्यादा खोलने की वकालत की है.
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-भारत एक्सप्रेस
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