Bharat Express DD Free Dish

टैरिफ के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की 6 कंपनियों को क्यों किया बैन? जानिए ईरान कनेक्शन

Indian Companies Ban: डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भारत पर टैरिफ लगाने के बाद 6 कंपनियों पर भी बैन लगा दिया है. इसके पीछे का कारण ईरानी कनेक्शन बताया गया है. जानिए आखिर क्या है इसका असल कारण?

Why Donald Trump Ban Indian Companies

भारत की कंपनियों पर बैन क्यों?

Indian Companies Ban: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने हाल ही में भारत पर 25% टैरिफ लगाने के बाद अब 6 भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है. भारत ही नहीं अमेरिकी सरकार ने ईरानी पेट्रोलियन, पेट्रोलियम उत्पादों या पेट्रोकेमिकल कारोबार में लगी 20 कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है. भारत के अलावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE), तुर्की और इंडोनेशिया की कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. आइये जानें इसके पीछे का क्या कारण है?

क्या बोला ट्रंप का विदेश विभाग?

यह प्रतिबंध ईरान के पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद-बिक्री के आरोप में लगाया गया है. अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि ईरान अस्थिरता पैदा करने के लिए फंड जुटा रहा है और मध्य पूर्व में संघर्ष को बढ़ावा दे रहा है. अमेरिका उस फंडिंग को रोकने के लिए कार्रवाई कर रहा है, जिसका इस्तेमाल ईरान विदेशों में आतंकवाद को बढ़ावा देने और अपने ही लोगों पर अत्याचार करने के लिए करता है.

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि कोई भी देश या व्यक्ति जो ईरानी तेल या पेट्रोकेमिकल खरीदने का रास्ता चुनेगा, उसे अमेरिकी प्रतिबंधों का जोखिम उठाना पड़ेगा और उसे अमेरिका के साथ कारोबार करने की इजाजत नहीं दी जाएगी.

किन भारतीय कंपनियों पर लगा प्रतिबंध?

कंचन पॉलिमर्स

इसने फरवरी से जुलाई 2024 के बीच UAR स्थित तानाइस ट्रेडिंग से पॉलीइथाइलीन समेत 13 लाख डॉलर से ज्यादा कीमत के ईरानी मूल के पेट्रोकेमिकल उत्पादों का आयात किया था.

अलकेमिकल सॉल्यूशंस

यह एक पेट्रोकेमिकल ट्रेडिंग कंपनी है, जिसने जनवरी से दिसंबर 2024 के बीच कई कंपनियों से 8.4 करोड़ डॉलर से ज्यादा के ईरानी पेट्रोकेमिकल उत्पादों का आयात किया था.

रमणीकलाल एस गोसालिया एंड कंपनी

इसने जनवरी 2024 से जनवरी 2025 के बीच कई कंपनियों से मेथनॉल और टोल्यूनि समेत 2.2 करोड़ डॉलर से ज्यादा की कीमत के ईरानी पेट्रोकेमिकल उत्पादों का आयात किया था.

जूपिटर डाई केम प्राइवेट लिमिटेड

इस कंपनी ने जनवरी 2024 से जनवरी 2025 के बीच कई कंपनियों से 4.9 करोड़ डॉलर से ज्यादा की कीमत के टोल्यूनि समेत ईरानी पेट्रोकेमिकल उत्पादों की खरीद की थी.

ग्लोबल इंडस्ट्रियन केमिकल्स लिमिटेड

इस कंपनी को इसलिए प्रतिबंधित किया गया है क्योंकि इसने भी कई कंपनियों के साथ 5.1 करोड़ डॉलर का कारोबार किया था.

पर्सिस्टेंट पेट्रोकेम प्राइवेट लिमिटेड

अमेरिकी सरकार ने इस पर इसलिए बैन लगाया है, क्योंकि इसने 1.4 करोड़ डॉलर से ज्यादा की कीमत के ईरानी पेट्रोकेमिकल उत्पादों का आयात किया था.

ये भी पढ़ें: इंडिया नहीं अमेरिका है डेड इकोनॉमी? भारत की अर्थव्‍यवस्‍था पर ट्रंप को देखने चाहिए IMF के आंकड़े

प्रतिबंध का मतलब ईरान पर दबाव

ट्रंप (Donald Trump) के टैरिफ प्रतिबंध का मतलब यह हुआ कि इन कंपनियों और इनसे जुड़े लोगों की जो भी संपत्तियां अमेरिका में होंगी, उन्हें सरकार जब्त कर लेगी. अमेरिका ऐसा ईरान पर दबाव बनाने के लिए कर रहा है. अमेरिका, ईरान के साथ एक परमाणु समझौता करना चाहता है. हालांकि, अब तक समझौते को लेकर कोई सहमति नहीं बन सकी हैय अमेरिका चाहता है कि ईरान एक ऐसा समझौता करे, जिससे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बढ़ावा मिले.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read