Bharat Express DD Free Dish

AI पर पानी की तरह पैसा बहा रही अमेजन, लेकिन 30,000 कर्मचारियों को निकाला; दफ्तरों से लेकर कोर्ट तक हो-हल्ला

TECH NEWS: अमेजन में AI पर अरबों डॉलर खर्च करने और करीब 30,000 कॉरपोरेट नौकरियां खत्म करने को लेकर कर्मचारियों ने कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

Amazon Layoffs 2026, Artificial Intelligence

फोटो: अमेजन के भीतर छिड़ा अंतर्युद्ध

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स और क्लाउड कंप्यूटिंग कंपनियों में से एक, अमेजन (Amazon) के भीतर इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. कंपनी द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीकों पर पानी की तरह पैसा बहाने और दूसरी तरफ हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकालने को लेकर भारी बवाल खड़ा हो गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले आठ महीनों के भीतर अमेजन ने अलग-अलग चरणों में अपने करीब 30,000 कॉरपोरेट और तकनीकी कर्मचारियों की छंटनी कर दी है. कंपनी के इस फैसले से नाराज कर्मचारियों और सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ने अब सार्वजनिक रूप से कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

एक तरफ छंटनी, दूसरी तरफ डेटा सेंटर्स पर अरबों खर्च

इस पूरे विवाद की मुख्य वजह टाइमिंग और कंपनी की प्राथमिकताएं हैं. एक तरफ जहां बेहद कुशल सॉफ्टवेयर डेवलपर्स, प्रोजेक्ट मैनेजर्स और कोडिंग करने वाले कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है, वहीं दूसरी तरफ कंपनी AI इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए नए डेटा सेंटर्स (Data Centres) के निर्माण पर अरबों डॉलर निवेश कर रही है. अमेजन के नाराज इंजीनियरों ने हाल ही में सिएटल सिटी काउंसिल की जनसुनवाई में पहुंचकर सार्वजनिक रूप से अपनी ही कंपनी के खिलाफ गवाही दी है. उनका कहना है कि जब कर्मचारियों के रोजगार को सुरक्षित रखने की बात आती है तो कंपनी के पास बजट नहीं होता, लेकिन AI की अंधी रेस में दौड़ने के लिए अरबों रुपये लुटाए जा रहे हैं.

अमेजन में कर्मियों की छंटनी और इन्वेस्टमेंट का पैटर्न:

कुल छंटनी (पिछले 8 महीनों में) लगभग 30,000 कॉरपोरेट कर्मचारी
प्रभावित मुख्य विभाग सेलिंग पार्टनर सर्विसेज, AWS, कोडिंग और ऑपरेशंस
अमेजन का 2026 में कुल कैपेक्स (CAPEX) लगभग $200 बिलियन (मुख्य रूप से AI और क्लाउड पर)
टेक कंपनियों का सामूहिक AI निवेश लगभग $700 बिलियन (अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, मेटा)


छंटनी पर अमेजन के पदाधिकारियों का है यह कहना

अमेजन के CEO एंडी जेसी (Andy Jassy) और कंपनी प्रबंधन का तर्क है कि यह छंटनी लागत में कटौती के लिए नहीं, बल्कि काम करने के तरीके को बदलने (स्ट्रक्चरल री-अलाइनमेंट) के लिए की जा रही है. कंपनी का कहना है कि रूटीन कोडिंग, डिबगिंग और सामान्य सपोर्ट जैसे प्रशासनिक काम अब जनरेटिव AI टूल्स के जरिए बहुत तेजी से और कम लागत में हो रहे हैं. इसलिए कंपनी को अब पारंपरिक काम करने वालों के बजाय सिस्टम आर्किटेक्ट्स और एडवांस्ड AI एक्सपर्ट्स की ज्यादा जरूरत है. हालांकि, कंपनी ने यह भी कहा है कि वे 2026 में करीब 11,000 नए इंजीनियर्स और सॉफ्टवेयर डेवलपर्स की हायरिंग भी करेंगे, लेकिन मौजूदा कर्मचारियों का गुस्सा इस बात पर है कि बिना किसी अपस्किलिंग के उन्हें सीधे नौकरी से निकाला जा रहा है.

पर्यावरण और स्थानीय स्तर पर भी बढ़ रहा है विरोध

बात सिर्फ नौकरियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इन बड़े AI डेटा सेंटर्स के कारण पर्यावरण को होने वाले नुकसान पर भी सवाल उठने लगे हैं. ये डेटा सेंटर्स चौबीसों घंटे चलने के लिए भारी मात्रा में बिजली और पानी की खपत करते हैं. अमेरिका के 14 राज्यों में अब ऐसे नए डेटा सेंटर्स के निर्माण को रोकने या उन पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानून बनाने की तैयारी चल रही है. खुद अमेजन के क्लाइमेट जस्टिस ग्रुप से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी को तकनीक के विकास के साथ-साथ इंसानी श्रम और पर्यावरण के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी.

यह भी पढ़िए: इंसानों का राज खत्म? चीन के पास इस टापू पर बनी दुनिया की पहली ‘AI सरकार’, कैबिनेट में बैठेंगे गांधी और मंडेला के डिजिटल अवतार



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read