रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को बताया कि भारत ने 2023-24 में ₹23,000 करोड़ के रक्षा निर्यात का लक्ष्य हासिल कर लिया है. इसके साथ ही, देश ने गोला-बारूद उत्पादन में 88% आत्मनिर्भरता प्राप्त कर ली है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत 2029 तक ₹50,000 करोड़ के रक्षा निर्यात का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
राजनाथ सिंह आईआईटी मंडी के 16वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए. उन्होंने एआई युद्ध प्रणाली, साइबर सुरक्षा, स्वदेशी एआई चिप निर्माण और क्वांटम टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ने पर जोर दिया. उन्होंने आईआईटी मंडी सहित अन्य तकनीकी संस्थानों से इन क्षेत्रों में अनुसंधान और नवाचार करने की अपील की.
आईआईटी का नया मंत्र – इनिशिएट, इम्प्रूव, ट्रांसफॉर्म
रक्षा मंत्री ने छात्रों को आईआईटी (Initiate, Improve, Transform) मंत्र अपनाने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए तकनीकी नवाचार जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा, “हमें एआई आधारित युद्ध रणनीति, स्वदेशी एआई चिप्स और साइबर सुरक्षा के लिए फायर बेल्ट विकसित करने की जरूरत है.”
राजनाथ सिंह ने भारत की तकनीकी प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अगले पांच वर्षों में यह क्षेत्र $300-350 बिलियन तक पहुंच सकता है. उन्होंने युवाओं से एआई, मशीन लर्निंग और डिजिटल टेक्नोलॉजी में नेतृत्व करने का आह्वान किया.
उन्होंने आईआईटी मंडी के शोधकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि वे रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, एआर-वीआर टेक्नोलॉजी पर अच्छा काम कर रहे हैं. आने वाले समय में इन क्षेत्रों में उनके योगदान की उम्मीद है.
डिजिटल अर्थव्यवस्था में भारत की मजबूती
रक्षा मंत्री ने भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की ताकत पर भी बात की. उन्होंने बताया कि भारत की टेलीकॉम इंडस्ट्री दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी है. साथ ही, यूपीआई ने डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में वैश्विक मानक स्थापित किए हैं. उन्होंने कहा कि डिजिटल और रक्षा क्षेत्र में भारत की तेजी से बढ़ती प्रगति आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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