सरकार ने कोचिंग सेंटरों पर कसी नकेल
कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई करने वाले छात्रों को कई बार फीस वापसी को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ता है. लेकिन केंद्र सरकार ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए 600 से अधिक छात्रों को 1.56 करोड़ रुपये वापस दिलाने में मदद की है. उपभोक्ता मामले विभाग (DOCA) के अनुसार सिविल सेवा, इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम और अन्य पाठ्यक्रमों के लिए कोचिंग सेंटरों में नामांकित इन छात्रों को कोचिंग संस्थानों द्वारा शर्तों का पालन नहीं करने के बावजूद फीस वापस नहीं कर रहा था.
600 छात्रों को वापस दिलाये 1.56 करोड़ रुपये
शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, विभाग ने “शिक्षा क्षेत्र के 600 से अधिक अभ्यर्थियों और छात्रों के लिए 1.56 करोड़ रुपये की धनराशि सफलतापूर्वक रिफंड कराई है.” इसमें कहा गया है कि सिविल सेवा, इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम और अन्य कार्यक्रमों के लिए कोचिंग सेंटरों में नामांकित इन छात्रों को कोचिंग संस्थानों द्वारा निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करने के बावजूद पहले ही उनके उचित धन वापसी से वंचित कर दिया गया था.
एनसीएच के माध्यम से दर्ज कराई गई शिकायत
यह राहत छात्रों द्वारा राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) के माध्यम से दर्ज कराई गई शिकायतों के माध्यम से संभव हुई, जिससे विवाद समाधान की प्रक्रिया सरल हो गई. बयान में कहा गया है, “विभाग की त्वरित कार्रवाई से छात्रों को अधूरी सेवाओं, देरी से कक्षाओं में आने या रद्द किए गए पाठ्यक्रमों के लिए मुआवजा प्राप्त करने में मदद मिली है, जिससे यह सुनिश्चित हुआ है कि उन्हें अनुचित व्यावसायिक प्रथाओं का वित्तीय बोझ नहीं उठाना पड़ेगा.”
विभाग ने सभी कोचिंग सेंटरों को दृष्टिकोण अपनाने का दिया निर्देश
अपने निर्णायक निर्देश में विभाग ने सभी कोचिंग सेंटरों को छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश दिया है, तथा छात्रों के वित्तीय हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट, पारदर्शी धन वापसी नीतियों को अनिवार्य बनाया है. यह स्पष्ट कर दिया गया है कि वैध रिफंड दावों को अस्वीकार करने की अन्यायपूर्ण प्रथा को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, तथा शैक्षिक संस्थानों से उपभोक्ता अधिकारों को बनाए रखने का आग्रह किया गया है. विभाग शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने तथा विद्यार्थियों को उनके उपभोक्ता अधिकारों के बारे में शिक्षित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है. राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन न्याय पाने की चाहत रखने वाले छात्रों और अभ्यर्थियों को सशक्त बनाने में एक महत्वपूर्ण संसाधन साबित हुई है.
-भारत एक्सप्रेस
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