एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार, 9 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) ने 2050 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 83 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. पिछली बार FII/FPI ने DII की तुलना में इतनी अधिक खरीदारी 26 जून को की थी. गौरतलब है कि यह एनएसई का पहला मंगलवार वाला एक्सपायरी है.
कारोबारी सत्र के दौरान, डीआईआई ने 10,423 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 10,340 करोड़ रुपये बेचे. दूसरी ओर, एफआईआई/एफपीआई ने 11,897 करोड़ रुपये खरीदे और 9,846 करोड़ रुपये बेचे. इस साल अब तक, एफपीआई/एफआईआई ने 2.13 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं, जबकि डीआईआई ने 5.23 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं.
मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए. आईटी और फार्मा शेयरों में मजबूती के चलते निफ्टी 95 अंकों की बढ़त के साथ 24,869 पर बंद हुआ. हालांकि ऑटो और रियल्टी सेक्टर में कुछ बिकवाली का दबाव रहा. इंफोसिस द्वारा शेयर बायबैक प्रस्ताव की घोषणा के बाद बाजार की धारणा में सुधार हुआ, जिससे आईटी कंपनियों में जोरदार खरीदारी हुई और समग्र माहौल में सुधार हुआ.
सेंसेक्स 314 अंक बढ़कर 81,101 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 95 अंक बढ़कर 24,869 पर बंद हुआ. व्यापक बाजारों में भी तेजी रही. बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में 0.2% की वृद्धि हुई, जिससे लार्जकैप शेयरों के अलावा अन्य शेयरों में भी स्थिर ट्रेंड दिखा.
उतार-चढ़ाव के बावजूद स्थिर कारोबारी माहौल बना हुआ
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग की तकनीकी और डेरिवेटिव विश्लेषक अमृता शिंदे के अनुसार, “अस्थिरता नियंत्रित रही, इंडिया VIX 10.8 के आसपास स्थिर रहा, जो इंट्राडे उतार-चढ़ाव के बावजूद स्थिर कारोबारी माहौल को दर्शाता है.”
उन्होंने आगे कहा कि निचले स्तरों पर मज़बूत खरीदारी का ट्रेंड देखा गया, हालांकि 24,900-25,000 का क्षेत्र अभी भी एक कड़े प्रतिरोध के रूप में काम कर रहा है. सकारात्मक पक्ष यह है कि निफ्टी अपने 10- और 20-दिवसीय ईएमए से ऊपर 24,730 के आसपास रहने में कामयाब रहा, जिससे शॉर्ट टर्म ट्रेंड बरकरार रहा.
उन्होंने कहा, “हालांकि, जब तक सूचकांक 25,000 से ऊपर नहीं टिकता, कुछ समेकन या हल्की मुनाफ़ावसूली की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. 24,620 के आसपास तत्काल समर्थन मौजूद है.”
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-भारत एक्सप्रेस
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