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Gautam Adani Latter To Shereholder: हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद से चल रहे आरोपों पर आखिरकार गौतम अडानी ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है. सेबी (SEBI) द्वारा सभी आरोपों को खारिज किए जाने के बाद, अडानी ग्रुप के चेयरमैन ने शेयरधारकों को एक भावनात्मक पत्र लिखकर अपना पक्ष रखा और इसी सत्य की जीत बताया है.

SEBI द्वारा अदाणी समूह को क्लीन चिट दिए जाने के एक दिन बाद अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी (Gautam Adani)) ने अपनी पत्नी के साथ अहमदाबाद के एक जैन मंदिर में पूजा-अर्चना की.

सेबी ने हिंडनबर्ग पर अदाणी समूह के शेयरों में घबराहट में बिक्री को प्रेरित करने के लिए गैर-सार्वजनिक और भ्रामक जानकारी का उपयोग कर मिलीभगत के माध्यम से अनुचित लाभ कमाने का भी आरोप लगाया है.

SEBI द्वारा अमेरिकी शॉर्टसेलर को भेजे गए कारण बताओ नोटिस से पता चलता है कि हिंडनबर्ग रिसर्च, विदेशी निवेशक मार्क किंगडन और उनकी संस्थाओं ने अदाणी एंटरप्राइज़ेज़ के फ्यूचर्स की शॉर्ट सेलिंग के ज़रिये भारी मुनाफा कमाया है.

अडानी समूह पर ओसीसीआरपी रिपोर्ट भारत के सबसे सफल और सम्मानित औद्योगिक समूहों में से एक की छवि और प्रतिष्ठा को धूमिल करने का एक संदिग्ध और दुर्भावनापूर्ण प्रयास है. रिपोर्ट कमजोर और मनगढ़ंत दस्तावेजों पर आधारित है, जिसका अडानी समूह और अधिकारियों द्वारा पहले ही खंडन किया जा चुका है.

अडाणी ग्रुप का बुरा हाल MSCI की वजह से हुआ है. दरअसल इस ग्रुप ने अडाणी ग्रुप की 2 कंपनियों को इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स से बाहर कर दिया है.

अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी Hindenburg ने कुछ समय पहले अडानी ग्रुप पर 188 आरोपों की एक रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट ने दुनिया के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में शामिल गौतम अडानी के साम्राज्य को हिलाकर रख दिया। शॉर्ट सेलिंग कंपनी Hindenburg एक बार फिर चर्चा में है। Hindenburg ने अपने ट्विटर अकाउंट …

पीएम मोदी के गतिशील नेतृत्व के तहत भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति, आर्थिक विकास और सामाजिक परिवर्तन ये दर्शाते हैं यह अब एक 'सॉफ्ट स्टेट' नहीं है बल्कि एक मजबूत, मुखर देश है जो अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए साहसिक कदम उठाने को तैयार है.

Adani Group-Hindenburg Research: हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को गलत बताते हुए अडानी ग्रुप ने अमेरिकी फर्म के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी.

Hindenburg की रिपोर्ट पर गौतम अडानी ने जवाब देने के साथ जनता का भरोसा जीतने और कंपनी की साख को बचाने के लिए बड़े फैसले लिए