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गौतम अदाणी का बिहार को अखंड ज्योति का तोहफा! पत्नी प्रीति संग किया भूमि पूजन, मस्तीचक को मिलेगा ग्रामीण आई हॉस्पिटल

बिहार के सारण जिले के मस्तीचक में अदाणी फाउंडेशन और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल ने मिलकर ‘अदाणी आई केयर प्रोजेक्ट’ का शुभारंभ किया है. गौतम और प्रीति अदाणी ने रविवार को इसका भूमि पूजन किया.

Adani Group Eye Care Project Gautam and Preeti Adani Perform Bhumi Pujan in Saran Bihar

Adani Eye Care Project: देश के सबसे बड़े बिजनेस घरानों में से एक, अदाणी ग्रुप अब बिहार के ग्रामीण इलाकों की सेहत और लाइफस्टाइल को सुधारने के लिए एक बेहद अनोखा और बड़ा कदम उठाने जा रहा है. रविवार की सुबह बिहार के सारण जिले का एक छोटा सा गांव ‘मस्तीचक’ देश के बड़े सियासी और कॉरपोरेट गलियारों की चर्चा का केंद्र बन गया. मौका था ‘अदाणी आई केयर प्रोजेक्ट’ के भव्य शुभारंभ का.

इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट की नींव रखने के लिए अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी और अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन प्रीति अदाणी खुद रविवार सुबह विशेष विमान से पटना पहुंचे और वहां से सीधे मस्तीचक गांव के लिए रवाना हुए.

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ भूमि पूजन

मस्तीचक गांव पहुंचने पर अदाणी दंपत्ति का स्थानीय परंपरा के अनुसार बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया गया. इसके बाद गांव की पावन मिट्टी पर पंडितों और पुरोहितों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच एक विशेष अनुष्ठान का आयोजन हुआ. गौतम अदाणी और प्रीति अदाणी ने पूरी श्रद्धा के साथ इस नए प्रोजेक्ट के लिए भूमि पूजन की रस्में पूरी कीं.

ये प्रोजेक्ट असल में ‘अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल’ और ‘अदाणी फाउंडेशन’ की एक बेहद खूबसूरत और संयुक्त पहल है. इसके तहत यहां ‘अदाणी सेंटर फॉर आई डिजीज’ और युवाओं के लिए ‘अदाणी ट्रेनिंग सेंटर फॉर ऑप्थैल्मिक साइंसेस’ की शुरुआत की जा रही है.

दुनिया का सबसे बड़ा ग्रामीण आई केयर नेटवर्क

अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल पहले से ही ग्रामीण इलाकों में आंखों के मुफ्त और किफायती इलाज के लिए जाना जाता है, लेकिन अब अदाणी ग्रुप का साथ मिलने से इसकी ताकत कई गुना बढ़ जाएगी. इस नए विजन के तहत मस्तीचक के इस अस्पताल की क्षमता को बढ़ाकर कुल 1500 बेड तक ले जाने की योजना है.

जब ये बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगा, तो ये न सिर्फ भारत का बल्कि पूरी दुनिया का सबसे बड़ा ग्रामीण नेत्र उपचार नेटवर्क बन जाएगा. इस ड्रीम प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा लक्ष्य उत्तर और मध्य भारत के पिछड़े गांवों में रहने वाले उन गरीब परिवारों तक रोशनी पहुंचाना है, जो पैसों की कमी के कारण मोतियाबिंद या आंखों की अन्य बीमारियों का इलाज नहीं करा पाते. यहां सालाना 3 लाख से ज्यादा मुफ्त और किफायती आई सर्जरी करने का टारगेट रखा गया है.

महिलाओं और युवाओं को मिलेगा रोजगार

ये प्रोजेक्ट सिर्फ मेडिकल ट्रीटमेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि ये स्थानीय लोगों की लाइफस्टाइल और उनके भविष्य को भी एक नया मोड़ देगा. अस्पताल परिसर के साथ बनने वाले ट्रेनिंग सेंटर में स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए विशेष स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे.

इसके जरिए ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों और युवाओं को ऑप्थैल्मिक साइंस और पैरामेडिकल के क्षेत्र में प्रोफेशनल ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे उन्हें रोजगार के बेहतरीन अवसर मिलेंगे.

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-भारत एक्सप्रेस



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