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म्यांमार में भारत की मानवीय सहायता: फील्ड अस्पताल शुरू, INS Gharial राहत सामग्री लेकर रवाना

भारतीय सेना ने म्यांमार के मंडले में 200-बेड का फील्ड अस्पताल चालू किया. INS Gharial 440 टन राहत सामग्री के साथ रवाना, जबकि अन्य जहाज और C-130 विमान पहले ही राहत सामग्री पहुंचा चुके हैं.

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भारतीय सेना की 90 पैरा ब्रिगेड द्वारा म्यांमार के मंडले में स्थापित फील्ड अस्पताल को सफलतापूर्वक चालू कर दिया गया है. यह 200-बेड का अस्पताल सर्जरी और इन-पेशेंट देखभाल प्रदान करने में सक्षम है. भारतीय सेना के अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस अस्पताल को दो भारतीय वायुसेना के C-17 भारी-लिफ्ट विमानों के जरिए तैनात किया गया था. इसमें 118 कर्मियों की टीम तैनात है, जो प्रभावित लोगों को आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान कर रही है.

मंगलवार (1 अप्रैल 2025) को मंडले के मुख्यमंत्री म्यो आंग ने इस फील्ड अस्पताल का दौरा कर इसकी चिकित्सा क्षमताओं की समीक्षा की. भारतीय सेना के अधिकारियों के अनुसार, यह अस्पताल पूरी तरह से तैयार है और जरूरतमंदों को महत्वपूर्ण चिकित्सा सहायता देने में सक्षम है. यह भारत की मानवीय सहायता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

INS Gharial 440 टन राहत सामग्री के साथ रवाना

भारत ने भूकंप प्रभावित म्यांमार की सहायता के तहत ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ के तहत राहत अभियान तेज कर दिया है. मंगलवार (1 अप्रैल 2025) की सुबह विशाखापत्तनम बंदरगाह से भारतीय नौसेना का पांचवां जहाज INS Gharial रवाना हुआ. यह जहाज लगभग 440 टन राहत सामग्री, जिसमें चावल, खाद्य तेल और दवाइयां शामिल हैं, लेकर 4 अप्रैल की रात या 5 अप्रैल की सुबह यांगून पहुंचेगा.

INS Satpura और INS Savitri पहले ही पहुंच चुके

इससे पहले, INS Satpura और INS Savitri सोमवार (31 मार्च 2025) की रात यांगून पहुंचे थे. ये जहाज लगभग 40 टन राहत सामग्री लेकर आए थे. इसके अलावा, दो अन्य जहाज, INS Karmuk और LCU 52, जो 30 मार्च को अंडमान और निकोबार कमांड से रवाना हुए थे, मंगलवार (1 अप्रैल) की सुबह यांगून पहुंचे. ये दोनों जहाज लगभग 30 टन राहत सामग्री लेकर आए हैं.

C-130 विमान से राहत सामग्री की आपूर्ति

राहत कार्य को और तेज करते हुए, भारतीय वायुसेना का C-130 विमान भी मंगलवार (1 अप्रैल) को मंडले पहुंचा. इस विमान के जरिए दवाइयां, पेयजल और जनरेटर सहित आवश्यक राहत सामग्री भेजी गई.

भारत का यह व्यापक राहत अभियान म्यांमार के भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंदों को त्वरित सहायता प्रदान करने और मानवीय संकट को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

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-भारत एक्सप्रेस



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