अर्जेंटीना की ऑयल और गैस कंपनी YPF के सीईओ होरासियो मारिन
भारत अपनी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और बड़ी जनसंख्या के कारण अगले दशक में दुनिया का इंजीनियर बनेगा. यह बात अर्जेंटीना की ऑयल और गैस कंपनी वाईपीएफ (YPF) के चेयरमैन और सीईओ होरासियो मारिन ने कही.
एएनआई से बातचीत के दौरान मारिन ने भारत की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि भारत को बड़ी मात्रा में एलएनजी (LNG) की जरूरत है और अर्जेंटीना इसे सप्लाई कर सकता है.
उन्होंने कहा, “हमारे भारत दौरे का मकसद एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करना है. इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य यह है कि वाईपीएफ और अर्जेंटीना भारत को एलएनजी बेचना चाहते हैं. साथ ही भारत को लिथियम में भी रुचि है. दोनों देशों के बीच एक अच्छा समझौता हो सकता है. भारत अगले दशक में दुनिया का इंजीनियर बनेगा क्योंकि इसकी विकास दर शानदार है और इसकी आबादी बहुत बड़ी है.”
भारत-अर्जेंटीना के 75 साल के संबंध
भारत में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो कौचीनो ने भी दोनों देशों के सहयोग पर उत्साह व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि पिछले साल 2024 में हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाई.
उन्होंने कहा, “हमारी दोस्ती समान मूल्यों पर आधारित है. यह वर्षों पुरानी मित्रता है और दोनों देशों के लिए फायदेमंद है. अर्जेंटीना और भारत की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे को पूरक करती हैं. भले ही हम भौगोलिक रूप से दूर हैं और हमारी संस्कृतियां अलग हैं, लेकिन हमारा व्यापारिक रिश्ता मजबूत हो रहा है.”
लिथियम और ऊर्जा में सहयोग
एलएनजी के अलावा, दोनों देशों का सहयोग लिथियम तक भी फैला है. लिथियम भारत के बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है.
पिछले साल जनवरी में भारत ने अर्जेंटीना के साथ लिथियम की खोज और खनन परियोजना के लिए एक समझौता किया था. यह सहयोग दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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