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तीन दिन की गिरावट खत्म, भारतीय शेयर बाजार में जोरदार उछाल

Indian Stock Market: ग्रीनलैंड ट्रेड वॉर की चिंताओं में कमी और अमेरिका-यूरोप टैरिफ विवाद टलने से भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को शानदार वापसी की. सेंसेक्स 700 अंकों तक चढ़ा और निफ्टी भी मजबूती से ऊपर गया.

Indian Stock Market: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने जबरदस्त वापसी की. लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद सेंसेक्स ने 500 से ज्यादा अंकों की छलांग लगाते हुए ऊपरी स्तर पर शुरुआत की. बीएसई सेंसेक्स पिछले दिन के 81,909.63 अंक से बढ़कर 82,459.66 पर खुला. वहीं निफ्टी ने भी मजबूती दिखाई और 25,344.15 पर खुला, जो पिछले दिन 25,157.50 पर बंद हुआ था.

शुरुआती कारोबार में तेजी

सुबह 9:18 बजे तक सेंसेक्स 523 अंक यानी 0.64% की बढ़त के साथ 82,432.69 पर कारोबार कर रहा था. निफ्टी भी 152 अंक यानी 0.61% ऊपर 25,310.05 पर पहुंच गया. इस दौरान निफ्टी के सभी इंडेक्स हरे निशान में थे. कुछ ही देर बाद सेंसेक्स में 700 से ज्यादा अंकों की उछाल देखने को मिली.

मिडकैप और स्मॉलकैप में मजबूती

व्यापक बाजार में भी तेजी का माहौल रहा. निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.4% ऊपर गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1% की बढ़त दर्ज की गई.

सेक्टरवार प्रदर्शन

सभी सेक्टर इंडेक्स हरे निशान में रहे. निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 2% ऊपर रहा. निफ्टी ऑटो और बैंक इंडेक्स में 1% की तेजी रही. आईटी इंडेक्स 0.9% और मेटल इंडेक्स 0.8% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे.

टॉप गेनर शेयर

सेंसेक्स पैक में टाटा स्टील, अदाणी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स, बीईएल, एसबीआई, कोटक बैंक, सन फार्मा, ट्रेंट, एम एंड एम, बजाज फिनसर्व, इंडिगो और आईटीसी जैसे शेयरों में 1% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई. सेंसेक्स के 30 में से 29 शेयरों में तेजी रही, जबकि केवल आईसीआईसीआई बैंक का शेयर गिरावट में रहा.

ट्रेड वॉर की चिंताओं में कमी

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्रीनलैंड को बलपूर्वक कब्जाने की धमकी से पीछे हटते हुए समझौते का संकेत दिया है. साथ ही अमेरिका ने यूरोप पर टैरिफ लगाने से फिलहाल परहेज किया है. इससे अमेरिका-यूरोप ट्रेड वॉर का खतरा कम हुआ है और बाजारों को राहत मिली है.

शॉर्ट-कवरिंग से रैली

विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में करीब 2 लाख शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट्स बने हुए हैं. मौजूदा हालात शॉर्ट-कवरिंग के लिए अनुकूल हैं, जिससे आगे भी तेजी देखने को मिल सकती है.

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कंपनियों के नतीजों पर असर

हालांकि, तीसरी तिमाही के नतीजों में नए लेबर कोड से जुड़े अतिरिक्त प्रावधानों का असर दिखा है. लेकिन बाजार इसे ज्यादा गंभीरता से नहीं ले रहा, क्योंकि यह एक बार का खर्च माना जा रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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