Atmanirbhar Bharat Abhiyan: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में झटकों को झेलने की मजबूत क्षमता है. उन्होंने वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत की लचीलापन को रेखांकित किया. एक हालिया कार्यक्रम में बोलते हुए सीतारमण ने बताया कि कोविड-19 महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे संकटों के बावजूद भारत ने तेजी से रिकवरी की है.
जीडीपी वृद्धि दर 7% से अधिक
सीतारमण के अनुसार, जीडीपी वृद्धि दर 7% से अधिक बनी हुई है, जो वैश्विक औसत से कहीं बेहतर है. उन्होंने कहा, “हमारी अर्थव्यवस्था में विविधता और मजबूत नीतिगत ढांचा है, जो किसी भी बाहरी झटके को न्यूनतम प्रभाव के साथ अवशोषित कर लेता है.” वित्त मंत्री ने डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप इकोसिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को इस लचीलापन का प्रमुख कारण बताया.
अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
उन्होंने उल्लेख किया कि भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2027 तक तीसरी सबसे बड़ी बनने की राह पर है. निर्यात में 15% की वृद्धि और विदेशी निवेश में उछाल ने अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया है. हालांकि, सीतारमण ने मुद्रास्फीति नियंत्रण और रोजगार सृजन पर फोकस करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार की आत्मनिर्भर भारत अभियान और उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाएं इस लचीलापन को बनाए रखेंगी. वैश्विक मंदी के संकेतों के बीच सीतारमण का यह बयान निवेशकों के लिए सकारात्मक संदेश है. आने वाले बजट में और सुधारों की उम्मीद है, जो अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे.
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