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भारत को 2022-2023 में वैश्विक स्तर पर वस्त्र और परिधान का छठा सबसे बड़ा निर्यातक माना गया, जिसकी वस्त्र और परिधान में वैश्विक व्यापार में हिस्सेदारी 3.9% है.

प्रमुख शहरों में 26 शोरूम के साथ ऑडी प्री-ओन्ड लग्जरी कारों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए और विस्तार करने की योजना बना रही है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में रोजगार सृजन, कृषि, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिले हैं. एक डाटा के अनुसार (2014-2024) में 17.9 करोड़ अतिरिक्त रोजगार सृजित हुए हैं.

Shipments Growing Rapidly in New Markets: भारत के निर्यात क्षेत्र में केले, घी, फर्नीचर, कार्यालय स्टेशनरी और सौर पैनल जैसे नए उत्पादों की मांग बढ़ रही है, जो भारतीय निर्यात को एक नई दिशा दे रहे हैं.

दिसंबर 2024 में उद्योग के प्रदर्शन को बाजार की अग्रणी कंपनी मारुति सुजुकी का समर्थन मिला, जिसने एक साल पहले की तुलना में 24% की वृद्धि के साथ 1,30,117 यूनिट की थोक बिक्री की.

आंकड़ों से पता चलता है UPI लेन-देन वैल्यू में पिछले साल 35% बढ़कर लगभग 247 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि 2023 में यह 183 लाख करोड़ रुपये था. वार्षिक आधार पर, UPI लेन-देन में मात्रा में 39% की वृद्धि और मूल्य में 28% की वृद्धि देखी गई.

महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने कहा कि भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में एक अहम भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है और यह आने वाले वर्षों में एक प्रमुख खिलाड़ी बन सकता है.

दिसंबर में घरेलू लेन-देन पर लगे जीएसटी से कलेक्शन से आय 8.4 प्रतिशत बढ़कर 1.32 लाख करोड़ रुपये हो गई है. आयतित वस्तुओं पर टैक्स से आय 4 प्रतिशत बढ़कर 44,268 करोड़ रुपये हो गई है.

उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि 2025 में इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च और एंड यूजर सेगमेंट में वृद्धि को लेकर सरकार के फोकस पर नजर बनी रहेगी, क्योंकि यह कमर्शियल वाहन उद्योग के लिए अच्छा रहेगा.

India’s Electronics Manufacturing Sector: भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र FY25 में 15% वृद्धि के साथ $140 अरब तक पहुँचने की उम्मीद, लेकिन घरेलू मांग में सुस्ती से समग्र विकास पर चुनौती बनी हुई है.