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तेल, गैस और टेक्नोलॉजी… PM मोदी के यूएई दौरे से भारत की झोली में आए ये बड़े समझौते

PM Modi Diplomacy Update: प्रधानमंत्री मोदी की UAE यात्रा से भारत को 5 अरब डॉलर का निवेश और ऊर्जा सुरक्षा में बड़ी मजबूती मिली है. दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते हुए हैं. इन समझौतों का जमीन पर असर भारतीय अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जरूरतों (जैसे गैस और पेट्रोल की उपलब्धता) पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा.

PM Modi UAE Visit

PM मोदी की UAE यात्रा: भारत को मिला 5 अरब डॉलर का निवेश और ऊर्जा सुरक्षा का भरोसा

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

PM Modi Diplomacy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आज संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की यात्रा भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक मोर्चे पर बेहद सफल रही है. अबू धाबी में पीएम मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच हुई मुलाकात ने दोनों देशों के रिश्तों को एक नई ऊंचाई दी है. इस यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण यूएई द्वारा भारत में 5 अरब डॉलर (लगभग 41,000 करोड़ रुपये) के नए निवेश की घोषणा रही. यह निवेश भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और बाजार को नई गति प्रदान करेगा.

ऊर्जा सुरक्षा: तेल-गैस की निर्बाध सप्लाई

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक खाड़ी देशों पर निर्भर है. इस दौरे में ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) पर सबसे अधिक ध्यान दिया गया. दोनों देशों के बीच हुए समझौतों के तहत यूएई भारत को एलपीजी (LPG) और कच्चे तेल की लंबी अवधि तक सप्लाई सुनिश्चित करेगा. इसके अलावा, भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) में यूएई की भागीदारी बढ़ाने पर भी सहमति बनी है. इसका मतलब यह है कि वैश्विक संकट के समय भी भारत के पास ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद रहेगा.

ब्लू इकोनॉमी, टेक्नोलॉजी पर फोकस

पीएम मोदी और शेख मोहम्मद के बीच हुई बातचीत सिर्फ तेल तक सीमित नहीं रही. दोनों नेताओं ने ब्लू इकोनॉमी, फिनटेक (Fintech) और एडवांस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की. भारत का यूपीआई (UPI) और यूएई का स्थानीय पेमेंट सिस्टम पहले से ही जुड़ाव की दिशा में हैं, जिसे अब और विस्तार दिया जाएगा. इससे दोनों देशों के बीच व्यापार करना और भी आसान हो जाएगा. इसके अलावा, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स को लेकर भी अहम करार हुए हैं, जिससे सामान की आवाजाही सस्ती और तेज होगी.

PM Modi Diplomacy

रक्षा क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी

रक्षा सहयोग इस यात्रा का एक और महत्वपूर्ण स्तंभ रहा. जब प्रधानमंत्री मोदी का विमान यूएई के हवाई क्षेत्र में पहुंचा, तो यूएई के एफ-16 लड़ाकू विमानों ने उन्हें एस्कॉर्ट कर विशेष सम्मान दिया. बैठक के दौरान रक्षा उपकरणों के सह-उत्पादन और सैन्य प्रशिक्षण पर चर्चा हुई. पीएम मोदी ने यूएई पर हुए हालिया हमलों की निंदा करते हुए उसकी संप्रभुता का समर्थन किया. यह दर्शाता है कि भारत और यूएई अब केवल व्यापारिक भागीदार नहीं, बल्कि सुरक्षा के मोर्चे पर भी एक-दूसरे के साथ खड़े हैं.

भारतीय समुदाय का आभार

यूएई में रहने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा और उनके हितों का मुद्दा भी पीएम मोदी की प्राथमिकता में रहा. उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे तनावपूर्ण माहौल के बीच भारतीय समुदाय का ख्याल रखने के लिए यूएई के शाही परिवार का दिल से शुक्रिया अदा किया. पीएम ने कहा कि जिस तरह यूएई ने भारतीयों को अपने परिवार के सदस्य की तरह संभाला, वह दोनों देशों के बीच के गहरे भावनात्मक जुड़ाव को दिखाता है.

व्यापक रणनीतिक साझेदारी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, यह दौरा ‘भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ को नई दिशा देने वाला है. समझौतों के आदान-प्रदान से लेकर निवेश की घोषणाओं तक, हर कदम भारत को एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में सहायक होगा. यूएई का 5 अरब डॉलर का निवेश भारत के स्टार्टअप्स, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और हाउसिंग सेक्टर में नई जान फूंक सकता है.

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