एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान पिछले एक दशक में भारत का अनुसंधान एवं विकास व्यय (R&D) दोगुना हो गया है, जो 2013-14 में 60,196 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 1,27,381 करोड़ रुपये हो गया है. यह भारत की भविष्य की अर्थव्यवस्था को आकार दे रहा है, जिसे एआई, जैव प्रौद्योगिकी और क्वांटम कंप्यूटिंग में घरेलू नवाचारों द्वारा परिभाषित किया जाएगा.
इसके अलावा भारत के लिए स्टार्टअप से जुड़ी भी अच्छी खबर सामने आई. भारतीय स्टार्टअप ने इस साल फरवरी में करीब 13,800 करोड़ रुपये (1.65 अरब डॉलर) का फंड जुटाया है. जनवरी में यह आंकड़ा 11,460 करोड़ रुपये (1.38 अरब डॉलर) का था. यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई. इन स्टार्टअप का कुल वैल्यूएशन फरवरी 2025 में 61,216 करोड़ रुपये (83.2 अरब डॉलर) था. वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक भारतीय स्टार्टअप मिलकर 2,10,620 करोड़ रुपये (25.4 अरब डॉलर) की राशि 2,200 फंडिंग राउंड में जुटाई है.
बैंगलोर की कंपनियों ने 353 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई
ट्रैक्सन के डेटा के मुताबिक, भारत के स्टार्टअप हब बैंगलोर की कंपनियों ने फरवरी में 353 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है और औसत फंडिंग राउंड का आकार 2 मिलियन डॉलर था. बीते महीने मुंबई की कंपनियों ने मिलकर 102 मिलियन डॉलर का फंड जुटाया है, लेकिन औसत फंडिंग राउंड का आकार 5 मिलियन डॉलर से अधिक था.
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-भारत एक्सप्रेस
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