देश की टेक्सटाइल इंडस्ट्री एक ऐतिहासिक हरित बदलाव की ओर बढ़ रही है. देश की अग्रणी कंपनी आरएसडब्ल्यूएम लिमिटेड (RSWM Ltd) ने अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) के साथ 60 मेगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा की आपूर्ति के लिए बड़ा करार किया है. इस साझेदारी में 60 करोड़ का निवेश शामिल है. आरएसडब्ल्यूएम की ऊर्जा जरूरतों में ग्रीन स्रोतों की हिस्सेदारी को 33% से सीधे 70% तक पहुंचा देगी. यह कदम न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति कंपनी की दीर्घकालिक सोच को दर्शाता है.
आरएसडब्ल्यूएम और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के बीच हुआ समझौता टेक्सटाइल उद्योग के लिए एक नए हरित युग की शुरुआत है. यह साझेदारी न केवल 8 लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी लाएगी, बल्कि 60 करोड़ का इक्विटी निवेश कंपनी को दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा भी प्रदान करेगा.
70% ऊर्जा अब ग्रीन सोर्स से
यह पहल स्पष्ट है कि उद्योग जगत अब सस्टेनेबिलिटी को परिचालन दक्षता और व्यावसायिक रणनीति के रूप में अपना रहा है, जो देश के नेट-जीरो लक्ष्यों को मजबूती प्रदान करेगा. आरएसडब्ल्यूएम लिमिटेड के चेयरमैन, प्रबंध निदेशक और सीईओ रिजु झुनझुनवाला ने बताया कि 70% ऊर्जा अब ग्रीन सोर्स से रही है. इसके साथ ही उन्होंने भविष्य की सोच के बारे में बात की है.
‘यह उपलब्धि हमारी दीर्घकालिक सोच को दर्शाती है. जहां विकास और स्थिरता एक साथ आगे बढ़ रहे हैं. भारत के 31% क्लीन एनर्जी एवरेज की तुलना में आरएसडब्ल्यूएम अब 70% ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों से हासिल करेगा, जिससे यह उद्योग में एक नया मानक स्थापित करेगा.
उद्योगों के लिए ग्रीन पावर पार्टनर
इस साझेदारी के तहत AESL आरएसडब्ल्यूएम के राजस्थान स्थित कई विनिर्माण संयंत्रों को 31.53 करोड़ यूनिट हरित बिजली प्रतिवर्ष उपलब्ध कराएगा. इसके लिए आरएसडब्ल्यूएम ने 60 करोड़ का निवेश ग्रुप कैप्टिव स्कीम के तहत किया है. इस परियोजना से कंपनी की कुल ऊर्जा जरूरतों में नवीकरणीय स्रोतों की हिस्सेदारी 33% से बढ़कर 70% हो जाएगी.
AESL के सीईओ कंदर्प पटेल ने कहा कि आरएसडब्ल्यूएम के साथ यह साझेदारी दर्शाती है कि सस्टेनेबिलिटी अब उद्योगों का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है. हमारा लक्ष्य औद्योगिक विकास को गति देते हुए पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना है.
ग्रीन एनर्जी के जरिए उद्योग में नई दिशा
आरएसडब्ल्यूएम ने अपने उत्पादन चक्र में नवीकरणीय ऊर्जा, जल पुनर्चक्रण और सर्कुलर मटेरियल फ्लो जैसे उपायों को अपनाकर खुद को फ्यूचर-रेडी टेक्सटाइल लीडर के रूप में स्थापित किया है. कंपनी ने हर साल 8 लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी 2.33 लाख किलोलीटर पानी की बचत और 183 करोड़ PET बोतलों के रीसाइक्लिंग के जरिए पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया है.
आरएसडब्ल्यूएम के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव गुप्ता ने कहा कि 60 करोड़ के इक्विटी निवेश के साथ यह साझेदारी न सिर्फ हमारे पर्यावरणीय संकल्प को मजबूत करती है, बल्कि दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और परिचालन दक्षता को भी बढ़ाती है.
ये भी पढ़ें: अडानी पोर्ट्स का रेवेन्यू 30 फीसदी बढ़ा, कमाई में जबरदस्त उछाल; APSEZ के CEO ने बताई रणनीति
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस की भूमिका
AESL देश की सबसे बड़ी निजी ट्रांसमिशन कंपनी है जो 16 राज्यों में 26,700 सर्किट किमी के नेटवर्क के साथ काम कर रही है. कंपनी अब कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल (C&I) सेक्टर में 7,000 मेगावॉट की हरित ऊर्जा क्षमता विकसित करने के लक्ष्य पर काम कर रही है. इस समझौते से न सिर्फ टेक्सटाइल उद्योग में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को गति मिलेगी बल्कि यह भारत के नेट-जीरो लक्ष्यों को भी समर्थन देगा.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

