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शेयर बाजार में मचा हाहाकार! ईरान-इजरायल युद्ध की टेंशन के बीच निवेशकों के डूब गए 17.50 लाख करोड़

ईरान-इजरायल-अमेरिका तनाव के बीच Sensex 2700+ अंक टूटकर खुला, Nifty भी 500+ अंक फिसला. BSE मार्केट कैप में करीब ₹17.50 लाख करोड़ की गिरावट, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल…

share market Crash today: मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध के बीच सोमवार को शेयर बाजार(market today) में भारी गिरावट देखी गई. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने 2700 से ज्यादा अंकों की भारी गिरावट के साथ कारोबार शुरू किया. निवेशकों के करीब 17.50 लाख करोड़ रुपये डूब गए. बाजार में यह गिरावट पहले से ही अनुमानित थी, क्योंकि निवेशकों का सेंटीमेंट पहले ही डाउन था. विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट का तनाव बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में सेंसेक्स और निफ्टी में और बड़ी गिरावट जारी रह सकती है.

सेंसेक्स(sensex)से लेकर निफ्टी(nifty) सब धड़ाम

सोमवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 3.30 फीसदी यानी 2,743.46 अंकों की गिरावट के साथ ओपन हुआ और 78,543.73 अंकों पर खुला. यह दिन का सबसे निचला स्तर भी रहा. 21 अप्रैल 2025 के बाद सेंसेक्स पहली बार 78,500 अंकों के स्तर पर पहुंचा. सुबह 9:35 बजे तक सेंसेक्स 705 अंकों की गिरावट के साथ 80,582.13 पर कारोबार कर रहा था.

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 भी बड़ी गिरावट के साथ खुला. कारोबारी सत्र के दौरान निफ्टी में 533.55 अंकों की गिरावट देखी गई और यह 24,645.10 के निचले स्तर पर पहुंचा. निफ्टी 525 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ 24,659.25 पर खुला. सुबह 9:40 बजे तक निफ्टी 232.55 अंकों की गिरावट के साथ 24,945.10 पर कारोबार कर रहा था. 1 अक्टूबर के बाद निफ्टी पहली बार 24,600 अंकों के स्तर पर आया.

किन शेयरों में आई बड़ी गिरावट ?

सेंसेक्स पर इंडिगो, लार्सन एंड टूब्रो (L&T), इटरनल, अडानी पोर्ट्स और एशियन पेंट्स टॉप लूजर रहे, जो 2-4 फीसदी की गिरावट में थे. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर ही अकेले 1 फीसदी से थोड़ा ज्यादा बढ़े, क्योंकि बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव ने डिफेंस स्टॉक्स के लिए निवेशकों का सेंटीमेंट बढ़ाया. NSE पर सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी रियल्टी टॉप लूजर रहा, जो लगभग 2 फीसदी गिरा. निफ्टी ऑटो, निफ्टी IT, निफ्टी PSU बैंक, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी ऑयल एंड गैस में भी 1% से ज्यादा की गिरावट आई.

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मिडिल ईस्ट की टेंशन का कितना पड़ेगा असर?

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में युद्ध और तेज हो गया. 86 साल के लीडर की वीकेंड में मौत हो गई, जिसके लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. उनके परिवार के चार सदस्य, जिनमें बेटी और पोता भी शामिल हैं, मारे गए. ईरान ने जवाबी हमले तेज कर दिए, जिससे तेल उत्पादक इलाकों में अस्थिरता फैल गई. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया. सुबह 9:30 बजे तक ब्रेंट क्रूड 6 फीसदी बढ़कर 77.08 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 5.5 फीसदी बढ़कर 70.71 डॉलर प्रति बैरल हो गया. दुनिया का 20 फीसदी से ज्यादा तेल होर्मुज स्ट्रेट से गुजरता है.

निवेशकों के डूबे 17.50 लाख करोड़

शेयर बाजार में बड़ी गिरावट की वजह से निवेशकों के 17.50 लाख करोड़ रुपये डूब गए. शुक्रवार को बीएसई का मार्केट कैप 4,63,50,671.27 करोड़ रुपये था, जो सोमवार को ओपन होते ही 4,45,91,660.60 करोड़ रुपये पर आ गया. मार्केट कैप में 17,59,010.67 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई. जियोपॉलिटिकल तनाव से बाजार में अनिश्चितता का माहौल है. विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध लंबा चला तो गिरावट और गहरी हो सकती है.

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-भारत एक्सप्रेस



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