SIP vs Lump Sum Investment
SIP vs Lump Sum Investment: म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए आमतौर पर दो तरीके सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं. लंपसम निवेश और सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP). दोनों के अपने फायदे हैं, लेकिन निवेशकों के मन में अक्सर सवाल रहता है कि लंबे समय में कौन सा विकल्प बेहतर रिटर्न दे सकता है. आइए जानते हैं.
क्या होता है लंपसम निवेश?
लंपसम निवेश में पूरी रकम एक साथ म्यूचुअल फंड में लगाई जाती है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि पूरी राशि शुरुआत से ही निवेशित रहती है और उसे लंबे समय तक कंपाउंडिंग का लाभ मिलता है. अगर बाजार अच्छा प्रदर्शन करता है, तो निवेश पर बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाती है. हालांकि, इसमें एक जोखिम भी है. यदि निवेश के तुरंत बाद बाजार में गिरावट आती है, तो निवेश की वैल्यू प्रभावित हो सकती है क्योंकि पूरी रकम एक ही समय पर लगाई गई होती है.
SIP क्यों है लोकप्रिय?
SIP में निवेशक हर महीने एक तय राशि निवेश करता है. इससे निवेश धीरे-धीरे बाजार में जाता है और बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम हो जाता है. इस प्रक्रिया को रुपी कॉस्ट एवरेजिंग कहा जाता है. यह तरीका खासतौर पर नौकरीपेशा लोगों के लिए सुविधाजनक माना जाता है क्योंकि वे अपनी नियमित आय से छोटी-छोटी रकम निवेश कर सकते हैं.
रिटर्न में कितना अंतर?
मान लीजिए कोई व्यक्ति 8.3 साल तक हर महीने 5,000 रुपये की SIP करता है और उसे औसतन 12 फीसदी सालाना रिटर्न मिलता है. इस दौरान उसका कुल निवेश करीब 4.98 लाख रुपये होगा. अनुमानित रिटर्न जोड़ने के बाद फंड का मूल्य लगभग 8.55 लाख रुपये तक पहुंच सकता है.
वहीं, यदि कोई निवेशक शुरुआत में ही 5 लाख रुपये लंपसम निवेश करता है और उसे समान 12 फीसदी सालाना रिटर्न मिलता है, तो 8.3 साल बाद उसकी कुल फंड वैल्यू करीब 12.81 लाख रुपये हो सकती है.
ये भी पढ़ें: ऑटोमोबाइल से लेकर रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर तक; स्लोवाकिया में CEOs संग द्विपक्षीय निवेश बढ़ाएंगे पीएम मोदी
किसे चुनना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आपके पास बड़ी रकम उपलब्ध है और आप बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम उठा सकते हैं, तो लंपसम निवेश ज्यादा रिटर्न देने की क्षमता रखता है. दूसरी ओर, जो निवेशक कम जोखिम लेना चाहते हैं और नियमित रूप से निवेश करना पसंद करते हैं, उनके लिए SIP बेहतर विकल्प हो सकता है. निवेश का फैसला करते समय अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और बाजार की स्थिति को जरूर ध्यान में रखें.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


