ब्रिटेन सरकार ने कहा है कि भारत के साथ हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बाद अब ब्रिटिश कंपनियों के लिए भारत के साथ व्यापार करना तेज, सस्ता और आसान हो जाएगा. ब्रिटेन के व्यापार और उद्योग सचिव जोनाथन रेनॉल्ड्स ने इस समझौते को भारत द्वारा अब तक किया गया सबसे बेहतर करार दिया. उन्होंने कहा कि यह समझौता न केवल ब्रिटिश कंपनियों के लिए नए अवसर खोलेगा, बल्कि यह ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देगा.
उन्होंने यह बात नए स्वरूप में गठित ‘बोर्ड ऑफ ट्रेड’ की पहली बैठक के दौरान कही. इस बोर्ड का उद्देश्य ब्रिटेन के निर्यात को बढ़ावा देना और देशभर के छोटे व्यवसायों को वैश्विक बाजार तक पहुँचने में मदद करना है.
‘यह महज चर्चा करने वाला मंच नहीं है’
रेनॉल्ड्स ने कहा, “आज से ब्रिटिश व्यापार का एक नया अध्याय शुरू हो रहा है. यह बोर्ड केवल विचार-विमर्श के लिए नहीं है, बल्कि यह एक सक्रिय और व्यवहारिक समूह होगा जो हर आकार के व्यवसाय को वैश्विक अवसरों से जोड़ने में मदद करेगा.”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत के साथ हुआ यह FTA समझौता ब्रिटेन का अब तक का सबसे बेहतरीन सौदा है, वहीं अमेरिका के साथ हुए समझौते से स्टील और ऑटो सेक्टर को राहत मिली है और हजारों नौकरियों को सुरक्षित किया गया है.
FTA से 25.5 अरब पाउंड सालाना व्यापार बढ़ने की उम्मीद
ब्रिटेन के बिजनेस एंड ट्रेड डिपार्टमेंट (DBT) के मुताबिक, भारत के साथ हुआ यह समझौता लंबे समय में द्विपक्षीय व्यापार को लगभग 25.5 अरब पाउंड प्रति वर्ष तक बढ़ा सकता है.
इसके अंतर्गत ब्रिटिश व्हिस्की, जिन, कॉस्मेटिक्स, मेडिकल डिवाइसेज़, एडवांस मशीनरी और भेड़ का मांस जैसे उत्पादों के भारत में निर्यात को बढ़ावा मिलेगा.
सुधरे हुए कस्टम प्रक्रियाओं और डिजिटल सिस्टम्स के माध्यम से व्यापार में आसानी आएगी, जिससे खास तौर पर छोटे और मध्यम व्यवसायों (SMEs) को लाभ होगा, जो अब तक भारतीय बाजार में प्रवेश नहीं कर पा रहे थे.
‘FTA से खाद्य और पेय उद्योग को बड़ा अवसर’
फूड एंड ड्रिंक फेडरेशन UK की CEO कैरेन बेट्स ने कहा कि 2024 में ब्रिटेन ने भारत को 300 मिलियन पाउंड से अधिक मूल्य का खाद्य और पेय निर्यात किया था, ऐसे में यह समझौता इस सेक्टर के लिए एक बड़ा मौका साबित होगा.
उन्होंने आगे कहा कि अब ब्रिटिश मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को भारत से कच्चे माल की बेहतर पहुंच मिलेगी, जिससे सप्लाई चेन मजबूत होगी और प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी.
स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के ग्रुप CEO और UK-India Financial Partnership के सह-अध्यक्ष बिल विंटर्स ने कहा, “भारत-यूके FTA एक ऐतिहासिक उपलब्धि है जो दोनों देशों के व्यवसायों को नए अवसर प्रदान करेगी और इनोवेशन तथा विकास को गति देगी.”
स्मॉल बिजनेस के लिए रणनीति बनाएगा बोर्ड
‘बोर्ड ऑफ ट्रेड’ की यह बैठक ब्रिटेन में तेजी से बढ़ रहे छोटे व्यवसायों की संख्या को देखते हुए बुलाई गई थी. इसमें शामिल हैं मशहूर एंटरप्रेन्योर माइक सोटार, BT ग्रुप की CEO एलिसन किर्कबी, और स्मॉल बिजनेस ब्रिटेन की संस्थापक मिशेल ओवन्स.
ओवन्स ने कहा, “यह देखना उत्साहजनक है कि हाल के हफ्तों में नए व्यापार समझौते किए गए हैं. छोटे व्यवसाय ही ब्रिटिश अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और यही समुदायों को बनाते हैं.”
यह बोर्ड ब्रिटेन सरकार की आगामी ‘ट्रेड स्ट्रैटेजी’ और ‘स्मॉल बिजनेस स्ट्रैटेजी’ पर सलाह देगा ताकि वे देश की आर्थिक विकास नीति से मेल खाएं और सभी क्षेत्रों में जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में मदद करें.
यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब ब्रिटेन ने हाल ही में अमेरिका के साथ भी एक बड़ा व्यापार समझौता किया है, जिससे ऑटोमोबाइल, स्टील, एल्युमिनियम, फार्मास्यूटिकल और एयरोस्पेस सेक्टर की 3.2 लाख से अधिक नौकरियाँ सुरक्षित की गई हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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