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ट्रंप ने दिया ऐसा अल्टीमेटम कि भरभराकर गिरा शेयर मार्केट, चंद सेकंड में स्वाहा हुए 4.46 लाख करोड़

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की ईरान को दी गई कड़ी चेतावनी के बाद ग्लोबल मार्केट में हड़कंप मच गया. सेंसेक्स 800 अंक टूट गया, जबकि निवेशकों की करीब ₹4.46 लाख करोड़ की दौलत कुछ ही पलों में साफ हो गई..

Stock Market Crash Trump factor: हफ्ते के पहले ही कारोबारी दिन सोमवार (18 मई 2026) को भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मच गया. जैसे ही दलाल स्ट्रीट में कारोबार की शुरुआत हुई, निवेशकों के पोर्टफोलियो पल भर में लहूलुहान हो गए. इस भारी तबाही के पीछे कोई घरेलू वजह नहीं बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वह ‘खतरनाक धमकी’ है जिसने पूरी दुनिया के बाजारों को पैनिक (दहशत) मोड में डाल दिया है. आलम यह रहा कि बाजार खुलते ही महज चंद सेकंड के भीतर रिटेल निवेशकों की करीब 4.46 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की वेल्थ हवा में साफ हो गई.

ट्रंप का पोस्ट क्या था?(Stock Market Crash Trump factor)

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान को लेकर एक बेहद आक्रामक और डराने वाला अल्टीमेटम जारी कर दिया. ट्रंप ने लिखा कि ईरान के लिए घड़ी टिक-टिक कर रही है. बेहतर होगा कि वे समझौते के लिए तेजी से कदम आगे बढ़ाएं, वरना उनका नामोनिशान नहीं बचेगा.

ट्रंप की इस खुली धमकी के बाद तेहरान (ईरान) ने भी घुटने टेकने से साफ मना कर दिया है. ईरानी अधिकारियों ने पलटवार करते हुए कहा है कि अगर उन पर हमला हुआ, तो वे मिडिल-ईस्ट में मौजूद अमेरिकी और उसके सहयोगी देशों के ठिकानों को उड़ा देंगे, जिससे ग्लोबल तेल सप्लाई पूरी तरह ठप हो जाएगी. इसी ‘जंग के अल्टीमेटम’ ने बाजार को हिला कर रख दिया.

महज कुछ पलों में साफ हुई गाढ़ी कमाई

बिकवाली की यह आंधी कितनी तेज थी, इसका सीधा अंदाजा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के मार्केट कैप से लगाया जा सकता है:

  • 15 मई 2026 (बीते शुक्रवार) को मार्केट कैप: 4,60,02,414.097 करोड़ रुपये
  • 18 मई 2026 (सोमवार सुबह) को मार्केट कैप: 4,55,55,510.86 करोड़ रुपये
  • चंद सेकंड का नुकसान: 4,46,903.237 करोड़ रुपये  (करीब 4.46 लाख करोड़ रुपये साफ)

कच्चे तेल में लगी आग

ट्रंप और ईरान के बीच मचे इस घमासान के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भयंकर विस्फोट हुआ है. ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड 110 प्रति बैरल डॉलर के खतरनाक स्तर को पार कर गया है. चूंकि भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा तेल आयात (Import) करता है, इसलिए कच्चे तेल की यह महंगाई सीधे भारतीय अर्थव्यवस्था और कंपनियों के मार्जिन के लिए बड़ा खतरा है. इसी डर से विदेशी और घरेलू निवेशकों ने ताबड़तोड़ बिकवाली शुरू कर दी.

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लाल निशान में रंगे दिग्गज इंडेक्स

सुबह 09:20 बजे तक बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह से क्रैश नजर आया:

  • BSE सेंसेक्स: 803.53 अंक (1.07%) की भारी गिरावट के साथ 74,434.46 के स्तर पर आ गिरा.
  • NSE निफ्टी 50: 247.15 अंक (1.05%) टूटकर 23,396.35 पर कारोबार कर रहा था.

बता दें कि यह गिरावट सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1-1 फीसदी से ज्यादा टूट गए. ऑटो, मेटल, पीएसयू बैंक और रियल्टी इंडेक्स में सबसे ज्यादा मार पड़ी है.

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-भारत एक्सप्रेस



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