Vibrant Gujarat 2026: गुजरात की धरती एक बार फिर दुनिया भर के दिग्गजों की गवाह बनी. ये मौका ‘वाइब्रेंट गुजरात 2026’ का था, जहां देश-विदेश के बिजनेसमैन और राजनेता जुटे थे. इस दौरान अदाणी पोर्ट्स के एमडी करण अदाणी ने जो बातें कहीं, उन्होंने ना सिर्फ निवेश की नई उम्मीदें जगाई, बल्कि यह भी साफ कर दिया कि आने वाले समय में गुजरात, खासकर कच्छ का इलाका, देश की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा पावरहाउस बनने जा रहा है.
मोदी विजन और गुजरात मॉडल की तारीफ
अपने संबोधन की शुरुआत में करण अदाणी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने देश को सिर्फ बड़ा सोचने का तरीका ही नहीं सिखाया, बल्कि उसे हकीकत में बदलने का हौसला भी दिया. करण के मुताबिक, आज भारत सिर्फ तरक्की की रेस में दौड़ नहीं रहा, बल्कि दुनिया को रास्ता दिखा रहा है. उन्होंने गुजरात को इस बदलाव का ‘रोल मॉडल’ बताया, जहां नीतियां सिर्फ कागजों पर नहीं बनतीं, बल्कि जमीन पर उतरती हैं.
अदाणी ने आंकड़ों के जरिए गुजरात की ताकत को समझाया. उन्होंने बताया कि कैसे भारत की जीडीपी में 8% का योगदान देने वाला यह राज्य आज देश का 40% कार्गो संभाल रहा है. यह सब मुमकिन हुआ है ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की उस सोच से, जिसकी नींव सालों पहले इसी राज्य में रखी गई थी.
बंजर इलाके से इंडस्ट्रियल हब तक का सफर
भाषण का सबसे दिलचस्प हिस्सा वह था जब उन्होंने कच्छ के बदलाव का जिक्र किया. एक वक्त था जब कच्छ को एक दुर्गम और दूरदराज का इलाका माना जाता था, लेकिन आज वही कच्छ भारत के लॉजिस्टिक्स और एनर्जी सेक्टर की जान बन चुका है.
करण अदाणी ने मुंद्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि यह सिर्फ एक पोर्ट नहीं है, बल्कि एक ऐसा इकोसिस्टम है जहां भारत का सबसे बड़ा कॉपर स्मेल्टर प्लांट और सोलर मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स फल-फूल रहा है. उन्होंने इसे अपनी ‘कर्मभूमि’ बताते हुए भविष्य का खाका भी पेश किया.
अदाणी ग्रुप ने अपनी योजनाओं का पिटारा खोलते हुए गुजरात के लिए बड़ी घोषणाएं की. करण अदाणी ने बताया कि:
- भारी निवेश: ग्रुप अगले 5 सालों में कच्छ क्षेत्र में 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा.
- दुनिया का सबसे बड़ा एनर्जी पार्क: खावड़ा में बन रहे रिन्यूएबल एनर्जी पार्क की क्षमता 37 गीगावॉट होगी, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड जैसा है. लक्ष्य है कि 2030 तक इसे पूरी तरह चालू कर दिया जाए.
- मुंद्रा पोर्ट का विस्तार: आने वाले 10 सालों में मुंद्रा पोर्ट की क्षमता को दोगुना करने की योजना है, ताकि भारत की एक्सपोर्ट-इंपोर्ट क्षमता को नई ऊंचाई मिल सके.
‘विकसित भारत’ में साझेदारी का संकल्प
करण अदाणी ने साफ शब्दों में कहा कि अदाणी ग्रुप की प्रगति भारत की प्रगति से जुड़ी हुई है. गौतम अदाणी के विजन को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात सिर्फ एक निवेश की जगह नहीं, बल्कि उनकी नींव है.
उन्होंने अंत में एक भरोसेमंद पार्टनर की तरह वादा किया कि जब भारत 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनने का सपना देख रहा है, तो अदाणी ग्रुप आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा. इस निवेश से न सिर्फ हजारों नौकरियां पैदा होंगी, बल्कि भारत की औद्योगिक ताकत भी पूरी दुनिया के सामने मजबूती से उभरेगी.
-भारत एक्सप्रेस
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