राजस्थान के डूंगरपुर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर थाने के ASI मदनलाल और निर्वतमान पार्षद डायालाल पाटीदार को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई से पुलिस महकमे के साथ-साथ स्थानीय राजनीतिक गलियारों में भी हड़कंप मच गया है.
ACB के ट्रैप में फंसे आरोपी
ACB सूत्रों के अनुसार, मामला एक साइबर फ्रॉड केस से जुड़ा है, जिसमें आरोपियों ने दो व्यक्तियों के नाम हटाने के एवज में मोटी रकम की मांग की थी. परिवादी ने इस संबंध में ACB को शिकायत दी, जिसके बाद टीम ने पहले शिकायत का सत्यापन किया और फिर योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया. जैसे ही रिश्वत की रकम सौंपी गई, ACB ने मौके पर दबिश देकर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया.
बताया जा रहा है कि यह पूरा खेल साइबर अपराध से जुड़े मामलों में राहत देने के नाम पर चल रहा था, जहां आरोपियों द्वारा कानूनी कार्रवाई से बचाने का लालच देकर अवैध वसूली की जा रही थी. हाल के समय में डूंगरपुर में ऐसे मामलों में ACB की लगातार कार्रवाई देखने को मिल रही है, जिसमें पुलिसकर्मी भी शामिल पाए गए हैं.
ACB कर रही जांच जारी
गिरफ्तारी के बाद ACB की टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके आवास व अन्य ठिकानों पर तलाशी अभियान जारी है. अधिकारियों को आशंका है कि इस मामले में और भी लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है.
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प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ ACB का अभियान लगातार तेज हो रहा है और डूंगरपुर जैसे जिलों में लगातार हो रही ट्रैप कार्रवाइयां इस बात का संकेत हैं कि एजेंसी अब रिश्वतखोरी के मामलों में सख्त रुख अपना रही है. इस कार्रवाई के बाद जिले के प्रशासनिक और पुलिस तंत्र में खलबली मची हुई है, वहीं आम लोगों में उम्मीद जगी है कि ऐसे मामलों पर सख्ती से अंकुश लगाया जा सकेगा.
-भारत एक्सप्रेस
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