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5 महीने, 6 फ्रॉडी और 74 साल की बुजुर्ग, कैसे डिजिटल अरेस्ट कर ठगे गए 24 करोड़? कर्नाटक पुलिस ने किया भांडाफोड

Bengaluru digital arrest scam: बेंगलुरु में साइबर ठगों ने खुद को CBI और ED अधिकारी बताकर एक बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया और 24 करोड़ रुपए ठग लिए. पुलिस ने गुजरात, मुंबई, बिहार और दिल्ली से 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर 1.50 करोड़ रुपए रिकवर कर लिए हैं.

महिला हुई साइबर ठगों का शिकार

महिला हुई साइबर ठगों का शिकार

Cyber ​​Fraud Racket Busted in Bengaluru: बेंगलुरु में साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट और मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर एक बुजुर्ग महिला से करीब 24 करोड़ रुपए ठग लिए. कर्नाटक पुलिस ने गुजरात, मुंबई, बिहार और दिल्ली से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. डिजिटल ठगों ने खुद को सीबीआई और ईडी के वरिष्ठ अधिकारियों बताया और महिला को डिजिटल अरेस्ट में होने की बात कहकर डराया, जिसके बाद ठगो ने जनवरी से मई के बीच अलग-अलग 22 बैंक खातों में करीब 24 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवा लिये. आपको विस्तार से बताते हैं पूरा मामला.

डिजिटल अरेस्ट मामले में 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार

ठगी रैकेट में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इरोड के एन शिवज्ञानम, मुंबई के अक्काच मल्लिक और अमित नरेंद्र पटेल, नई दिल्ली के ओम प्रकाश राजपूत और बिहार के गौरव कुमार के रूप में हुई है. 73 वर्षीय पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि उसने ठगों को 26 बार में 24 करोड़ रुपए अपने बैंक खाते सेट्रांसफर किए है. ठगों ने ये पैसे 23 फर्जी खाते में जमा कराएं. बता दें कि ठगो के ये 23 फर्जी खाते देश के 10 बैंको में है.

ऐसे खुला ठगी का राज

दरअसल 24 अप्रैल को बैंक ने साइबर कमांड यूनिट को बार- बार हो रहे लेन देन के बारे में बताया. जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पीड़ित महिला को समझाया कि अब वे किसी प्रकार का लेनदेन ना करें. वे साइबर ठग का शिकार हो रही हैं. महिला ठगों को तीन करोड़ रुपए और ट्रांसफर करने वाली थीं. लेकिन बैंक और पुलिस की तत्परता से महिला के तीन करोड़ रुपए बच गए.

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आरोपियों के पास से 1.50 करोड़ रुपए पुलिस ने किए जब्त

पुलिस ने बुजुर्ग महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है. साथ ही साइबर कमांड यूनिट ने उन खाताधारकों की पहचान करने के लिए कार्रवाई शुरू की, जिनके खातों में पैसों को भेजा जा रहा था. बंगलूरू स्थित साइबर कमांड के पुलिस महानिदेशक प्रणब मोहंती की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, ‘कार्रवाई के दौरान, टीम ने एनआरसीपी पोर्टल की मदद से आरोपियों ने उन खातों को फ्रीज कर दिया. जिसमें वह महिला से पैसे जमा करा रहे थे. वहीं अदालती आदेशों के माध्यम से आरोपियों के पास से पुलिस ने लगभग 1.50 करोड़ रुपये की वसूली कर ली है.

  • भारत एक्सप्रेस


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