भोपाल से पकड़ा गया मोहम्मद फराज. मासूमों को पढ़ाता था कुरान और मोबाइल में छिपा था खौफनाक सच.
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सुरक्षा एजेंसियों ने एक बेहद सनसनीखेज और खौफनाक साजिश का पर्दाफाश किया है. मध्य प्रदेश एंटी-टेरर स्क्वाड (ATS) ने भोपाल के काजी कैंप इलाके से मोहम्मद फराज नाम के एक कोचिंग टीचर को गिरफ्तार किया है. पुलिस और जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को गुमराह कर रहा था और उसका अंतिम मकसद साल 2047 तक भारत में इस्लामी शासन स्थापित करना था.
साधारण जिंदगी के पीछे छिपा था खतरनाक चेहरा
35 वर्षीय मोहम्मद फराज अपने इलाके में बेहद आम और शरीफ इंसान की जिंदगी जी रहा था. वह अपने घर पर कक्षा 1 से 10वीं तक के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था और हर मंगलवार को बच्चों को कुरान का पाठ भी सिखाता था. इसके अलावा वह अपनी आजीविका चलाने के लिए एक स्थानीय क्लीनिक में कंपाउंडर के रूप में भी काम करता था. आस-पास के पड़ोसी उसकी इस असलियत से पूरी तरह अनजान थे और उसे एक बेहद सीधा-साधा इंसान मानते थे. लेकिन एटीएस के मुताबिक, उसके मोबाइल फोन के भीतर एक बेहद खतरनाक और अलग ही दुनिया चल रही थी.
‘मिशन 2047’ का खौफनाक दस्तावेज बरामद
एटीएस ने जब फराज के ठिकानों और डिजिटल उपकरणों की जांच की, तो उसके पास से प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) का कुख्यात “मिशन 2047” दस्तावेज बरामद हुआ. इस सीक्रेट दस्तावेज में यह योजना बनाई गई थी कि देश की आजादी के 100 साल पूरे होने तक (यानी 2047 तक) भारत में राजनीतिक सत्ता को पूरी तरह से बदलना है. दस्तावेज के मुताबिक, यदि देश की कुल मुस्लिम आबादी का महज 10% हिस्सा भी इस विचारधारा के साथ एकजुट हो जाता है, तो वे अपने मनमुताबिक बड़े बदलाव ला सकते हैं.
पाक से जुड़े तार, लोन-वुल्फ अटैक की तैयारी
सुरक्षा एजेंसियों को जांच में यह भी पता चला है कि मोहम्मद फराज व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पाकिस्तान आधारित कई संदिग्ध ग्रुप्स से जुड़ा हुआ था. वह टेलीग्राम पर ग्रुप बनाकर युवाओं को कट्टरपंथी वीडियो भेजता था और उन्हें जिहाद के लिए उकसाता था. उसके निशाने पर ज्यादातर समाज के आर्थिक रूप से कमजोर और अकेले रहने वाले युवा होते थे. जांचकर्ता अब इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि क्या फराज किसी ‘लोन-वुल्फ अटैक’ (अकेले दम पर बड़ा हमला करने) के मॉडल पर काम कर रहा था.
सुरक्षा एजेंसी कर रही है आगे की पड़ताल
मोहम्मद फराज की गिरफ्तारी के बाद से भोपाल और आस-पास के इलाकों में हड़कंप मच गया है. जिस क्लीनिक में वह कंपाउंडर का काम करता था, उसका मालिक क्लीनिक बंद करके फरार हो गया है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है. एटीएस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में फराज ने कितने युवाओं का ब्रेनवॉश किया है और उसके इस नेटवर्क में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं. इस मामले ने देश के भीतर छिपे देशविरोधी तत्वों और इंटरनेट के जरिए फैल रहे डिजिटल प्रोपेगैंडा को लेकर एक बार फिर बड़ी चिंता खड़ी कर दी है.
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