आजकल हर कोई इंटरनेट पर सवाल पूछने, आइडिया क्रिएट करने या तुरंत जवाब पाने के लिए ओपन एआई के चैटबोट, ChatGPT का यूज कर रहा है. चाहे होमवर्क हो या ऑफिस का काम हो या फिर रोजमर्रा का, आजकल हर कोई ChatGPT से सलाह ले रहा है. लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि ChatGPT की सलाह कभी-कभी जानलेवा भी हो सकती है. चौंक गए ना. अमेरिका में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने ChatGPT यूज करने वालों के रातों की नींद उड़ा दी है. यहां चैटजीपीटी की सलाह पर एक 16 साल के छात्र ने आत्महत्या कर ली.
दरअसल अमेरिका के कैलिफोर्निया में 16 साल के एक अमेरिकी छात्र एडम राइन ने सुसाइड कर लिया. पहले तो उसके माता-पिता को लगा कि उनके बेटे ने डिप्रेशन की वजह से सुसाइड कर लिया, लेकिन अब उन्हें चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जांच में पता चला है कि उनके बेटे ने आखिरी हफ्तों में किसी टीचर या एडवाइजर से नहीं बल्कि चैट जीपीटी के ज्यादा करीब था और उसी के निर्देश पर एडम ने आत्महत्या कर ली.

माता-पिता ने दायर किया मामला
एडम के माता-पिता ने इस मामले को लेकर चैटजीपीटी के खिलाफ मामला दायर किया है. मुकदमे के मुताबिक कैलिफोर्निया का यह किशोर डिप्रेशन से जूझ रहा था. जिसको लेकर वो परिवार से खुलकर बात नहीं कर पा रहा था. इसकी जगह पर वो चैटजीपीटी से बात कर रहा था. एनसीबी न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह AI बॉट उसके लिए एक सुसाइड कोच बन गया. जिसकी वजह से एडम ने 11 अप्रैल 2025 को आत्महत्या कर ली.
एडम के पिता के मुताबिक मरने से कुछ दिनों पहले एडम ने अपने गहरे ख्याल चैटजीपीटी के सामने रखे थे. लेकिन उसने मदद की सलाह नहीं दी. अगर एडम ने चैटबोट की मदद नहीं ली होती तो वो आज यहां होता.

आखिर किस वजह से डिप्रेशन में गया एडम
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार एडम हाईस्कूल में सेकेंड ईयर का छात्र था. उसे बास्केटबॉल, एनीमे और वीडियो गेम काफी पसंद था. हालांकि उसकी गिनती कॉलेज के सबसे शरारती छात्रों में होती थी. उसे बास्केटबॉल टीम से निकाल दिया गया था, जिसकी वजह से वो इरिटेबल बाउल सिंड्रोम का शिकार हो गया था.
जिसके बाद से वो चैटजीपीटी की मदद लेने लगा. माता पिता ने आरोप लगाया है कि इसी दौरान चैटजीपीटी और एडम की चैट ने गलत मोड़ ले लिया और ये हादसा हो गया.
अदालत में पेश किए गए दस्तावेज में चैटजीपीटी और एडम के बीच की बातचीत की डिटेल दी गई है. जिसमें बताया गया है कि इस ऐप ने एडम को सबसे खराब और आत्महत्या जैसे कदम उठाने का विचार दिया. जिसके बाद से एडम और भी डिप्रेशन में रहने लगा और ये कदम उठा लिया.
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आखिरी चैट में क्या है?
अपनी आखिरी चैट में एडम ने लिखा है कि वो नहीं चाहता कि उसके माता पिता मेरे निकाले जाने के लिए खुद को दोषी ठहरायें. जिसपर चैट जीपीटी ने जवाब दिया कि इसका यह कत्तई मतलब नहीं है कि उनके लिए तुम्हें जिंदा रहने की जरूरत है. कथित तौर पर जिस दिन एडम ने आत्महत्या की. उस दिन चैट जीपीटी ने एक फंदे की तस्वीर भी एडम को भेजी थी. जिसके बाद एडम ने पूछा कि क्या वो इसका वजन झेल लेगा, तो चैटबॉट ने जवाब दिया हां और यह बिल्कुल भी बुरा नहीं है.
इस चैट के कुछ देर बाद एडम की मां मारिया राइन अपने बेटे को फंदे से लटका पाई.
एडम की मां के मुताबिक यह चैटबॉट ऐसा बर्ताव कर रहा था जैसे वो कोई डॉक्टर या उसका कोई खासमखास हो.
एडम का परिवार चाहता है जवाबदेही
चैटजीपीटी के निर्देश पर किसी व्यक्ति के द्वारा आत्महत्या करने का यह पहला मामला है. जिसको लेकर एडम के माता-पिता सीधे तौर पर ओपनएआई और उसके फाउंडर सैम ऑल्टमैन को बेटे की मौत का जिम्मेदार ठहराया है. वो इसके लिए मुआवजे की भी मांग कर रहा है.
– भारत एक्सप्रेस
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