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Chhattisgarh News: स्कूल में दर्जनों बच्चों ने खुद काटीं कलाइयां, क्या सोशल मीडिया ट्रेंड के चलते स्टूडेंट्स में आया पागलपन? जांच शुरू

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सरकारी स्कूल के दर्जनों छात्र-छात्राओं ने खुद को ब्लेड, पिन या कांटों से चोट पहुंचाई. कइयों की कलाइयां कट गईं. अब प्रशासन घटनाओं की जांच कर रहा है. जानिए पूरा मामला…

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स्कूल में 35 बच्चों ने काटी कलाइयां

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Dhamtari Students Incident: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के कुरूद ब्लॉक में स्थित दहदहा गांव के शासकीय माध्यमिक स्कूल से एक चौंकाने वाली खबर आई है. यहां कक्षा 6 से 8वीं तक के लगभग 35 छात्र-छात्राओं (21 लड़के और 14 लड़कियां) ने अपनी कलाइयों पर ब्लेड, पिन या कांटों से चोटें पहुंचाई हैं. यह घटना करीब 20-25 दिन पुरानी है, लेकिन मीडिया में अब आई है. पता चला है कि 13 फरवरी 2026 को अभिभावकों ने बच्चों के हाथों पर निशान देखे थे, इसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया.

कॉपी-कैट बिहेवियर था क्‍या?

शुरूआती जांच में पता चला है कि बच्चे एक-दूसरे को देखकर यह काम कर रहे थे. यानी कॉपी-कैट व्यवहार था. कोई गहरा घाव नहीं था, सिर्फ सतही निशान थे जो अब भर चुके हैं. कुछ रिपोर्टों में मोबाइल गेम चैलेंज या वायरल ट्रेंड का शक जताया गया, लेकिन पुलिस और अधिकारियों ने मोबाइल चेक किए और ऐसा कोई सबूत नहीं मिला. नशे या किसी बड़े कारण का भी कोई संकेत नहीं है. बच्चे साफ जवाब नहीं दे पा रहे कि ऐसा क्यों किया.

प्रशासनिक टीमें स्‍कूल में पहुंची

इलाके में चर्चा होने पर जिला प्रशासन हरकत में आया. तहसीलदार सूरज बंछोर के अनुसार, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य टीम और पुलिस मौके पर पहुंची. कई बच्चों की मेडिकल जांच हुई और काउंसलिंग कराई गई. शिक्षकों को छात्रों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं.

मानसिक स्वास्थ्य पर उठे सवाल

राहत की खबर ये है कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं और अब पढ़ाई कर रहे हैं. इस मामले पर एबीवीपी जैसे संगठनों ने भी नाराजगी जताई है और जिम्‍मेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है. यह घटना बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल उठाती है. ग्रामीण इलाकों में मोबाइल और सोशल मीडिया का प्रभाव बढ़ रहा है, जिससे ऐसी नकल की घटनाएं हो सकती हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की काउंसलिंग और अभिभावकों की निगरानी जरूरी है.

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