नई दिल्ली: कोबरापोस्ट ने 30 अक्टूबर 2025 को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर हजारों करोड़ के फ्रॉड का भंडा फोड़ा. जिसका थीम था- “द लेजर ऑफ लाइज” – कॉरपोरेट दिग्गज द्वारा किए गए 41,000 करोड़ की धोखाधड़ी का पर्दाफाश.
कोबरापोस्ट के पैनल डिस्कशन में कोबरापोस्ट के संस्थापक-संपादक अनिरुद्ध बहल, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, पत्रकार परांजॉय गुहा ठाकुरता, अभिनंदन सेखरी, उशीनोर मजूमदार और अन्य विशेषज्ञों के साथ शामिल हुए.
विदेश से हजारों करोड़ का लेनदेन
कोबरापोस्ट की जांच “LOOTWALLAHS: HOW INDIAN BUSINESS IS ROBBING INDIANS Part – I” में खुलासा हुआ कि अनिल अंबानी की रिलायंस ADA ग्रुप कंपनियों ने पब्लिक सेक्टर बैंकों और निवेशकों से उधार लिए 28,874 करोड़ रुपये को प्रमोटर ग्रुप कंपनियों में डायवर्ट किया. साथ ही, विदेश से 1.53 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 12,800 करोड़ रुपये) संदिग्ध लेनदेन से भारत लाए गए. कुल फ्रॉड करीब 41,000 करोड़ का आंका गया.

यूट्यूब पर सीरीज में दिखाया सच
कोबरापोस्ट की ओर से यूट्यूब पर सीरीज पेश की गई, जिसमें “एन एम्पायर ऑफ डिसेप्शन”, “द फैंटम हैंडसेट डील”, “रिलायंस इंफ्रा: ए मेज ऑफ शेल्स”, “रिलायंस कैपिटल: द स्मोकिंग गन”, “ऑफशोर एडवेंचर्स” आदि वीडियो दिखाए गए. फेसबुक पर भी वीडियो पोस्ट किए गए. जिन्हें आप यहां देख सकते हैं.
कॉरपोरेट दिग्गज के 41,000 करोड़ हेरफेर का यह खुलासा शेल कंपनियों, ऑफशोर ट्रांजेक्शन और बैंक फ्रॉड की जटिल साजिश उजागर करता है. कोबरापोस्ट की ओर से बताया गया कि यह इंडियन बिजनेस की लूट की कहानी का पहला पार्ट है. जांच से जुड़े दस्तावेज और वीडियो cobrapost.com पर देखे जा सकते हैं.
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