Mokama Hatyakand: बिहार के मोकामा में विधानसभा चुनाव की धमक के बीच जन सुराज पार्टी समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या ने कोहराम मचा दिया है. 30 अक्टूबर को चुनाव प्रचार के दौरान दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच हुई भिड़ंत में दुलारचंद की मौत हो गई. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कार्डियोरेस्पिरेटरी फेलियर का कारण बताया गया, जिसमें फेफड़े फटना और पसलियां टूटना शामिल है.
इस मामले में पुलिस ने 3 एफआईआर दर्ज कीं और दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया. इस घटना ने बिहार में ‘जंगल राज’ लौट आने की बातों को तूल दे दिया है, जिसकी अगुवाई जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने की. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला करार दिया. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी हिंसा की निंदा करते हुए चुनाव आयोग से त्वरित कार्रवाई की मांग की.
निर्वाचन आयोग की बड़ी कार्रवाई
चुनाव आयोग (ईसीआई) ने इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की. बाढ़ और मोकामा के स्थानीय एसपी समेत चार अधिकारियों पर गाज गिरी. बाढ़ के सब-डिविजनल ऑफिसर (एसडीओ) चंदन कुमार, जो मोकामा विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर भी थे, को हटा दिया गया है. उनकी जगह आईएएस आशीष कुमार को नियुक्त किया गया है. एसडीपीओ बाढ़-1 राकेश कुमार और एसडीपीओ बाढ़-2 अभिषेक सिंह का तबादला कर आनंद कुमार सिंह व आयुष श्रीवास्तव को भेजा गया.
हटाए गए तीनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए. वहीं, घोसवारी एसएचओ मधुसूदन कुमार और भदौर एसएचओ रवि रंजन को निलंबित कर दिया. ईसीआई ने बिहार डीजीपी विनय कुमार से शनिवार दोपहर 12 बजे तक एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है.
बाहुबलियों का गढ़ रहा है मोकामा
मोकामा लंबे समय से बाहुबलियों का गढ़ रहा है, जहां जेडीयू के अनंत सिंह और आरजेडी की वीणा देवी (सूरजभान सिंह की पत्नी) के बीच कांटे का मुकाबला है. दोनों भूमिहार समुदाय से हैं, जिससे पुरानी दुश्मनी भड़क सकती है. बिहार चुनाव के पहले चरण में 6 नवंबर को मोकामा में वोटिंग होगी, नतीजे 14 नवंबर को आएंगे.
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