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बिहार के लाखों छात्रों का इंतजार आज खत्म हो गया है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने इंटरमीडिएट यानी 12वीं का रिजल्ट जारी कर एक बार फिर इतिहास रच दिया है. बोर्ड ने न केवल रिकॉर्ड समय में नतीजे घोषित किए, बल्कि इस साल के परीक्षा परिणामों ने यह भी साफ कर दिया है कि बिहार की बेटियां अब किसी से कम नहीं हैं. आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार टॉपर्स की फौज में बेटियों का जबरदस्त दबदबा देखने को मिला है.
बेटियों ने मारी बाजी
इस साल के रिजल्ट की सबसे बड़ी और सुखद खबर यह है कि बिहार की बेटियों ने मेधा सूची (Merit List) में लड़कों को काफी पीछे छोड़ दिया है. तीनों संकायों (आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स) को मिलाकर कुल 26 छात्र-छात्राओं ने टॉपर्स की लिस्ट में जगह बनाई है, जिनमें से 19 सिर्फ लड़कियां हैं.
स्ट्रीम वाइज टॉपर्स की बात करें तो आर्ट्स में साक्षी कुमारी और कॉमर्स में गया की अदिति कुमारी ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर अपना परचम लहराया है. वहीं, साइंस स्ट्रीम में आदित्य प्रकाश ने टॉप कर लड़कों की साख बचाई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महिला सशक्तिकरण के दावों का असर अब बिहार के शिक्षा के आंकड़ों में साफ दिखने लगा है.
सिर्फ 25 दिन में रिजल्ट
बिहार बोर्ड ने लगातार 8वीं बार पूरे देश में सबसे पहले इंटर का रिजल्ट जारी कर अपनी कार्यक्षमता का लोहा मनवाया है. बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर और उनकी टीम ने मूल्यांकन शुरू होने के महज 25 दिनों के भीतर रिजल्ट तैयार कर लिया. तकनीक के स्मार्ट इस्तेमाल और पारदर्शी व्यवस्था की बदौलत यह मुकाम हासिल हुआ है. समय पर रिजल्ट आने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बिहार के छात्र अब देश-दुनिया के किसी भी बड़े विश्वविद्यालय में एडमिशन के लिए समय रहते आवेदन कर सकेंगे.
पास प्रतिशत में भी छात्राएं आगे
इस साल बिहार बोर्ड का कुल पास प्रतिशत 85.19% रहा है. अगर इसे कैटेगरी के हिसाब से देखें, तो लड़कों का पास प्रतिशत जहाँ 84.09% रहा, वहीं छात्राओं ने 86.23% की सफलता दर के साथ बाजी मार ली. बोर्ड मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने बताया कि यह नतीजे न केवल छात्रों की मेहनत का फल हैं, बल्कि बिहार की बदलती शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर भी पेश करते हैं.
असफल छात्र न हों परेशान
जो छात्र किसी कारणवश इस परीक्षा में सफल नहीं हो पाए हैं या जिनके नंबर उम्मीद से कम आए हैं, उन्हें बोर्ड ने निराश न होने की सलाह दी है. उनके लिए जल्द ही कंपार्टमेंटल और विशेष परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि उनका एक साल बर्बाद न हो.
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-भारत एक्सप्रेस
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