NEET Re-Exam 2026: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने धांधली के दाग धोने के लिए रविवार (21 जून 2026) को नीट यूजी (NEET UG) की दोबारा परीक्षा तो आयोजित करा दी, लेकिन जमीन पर जो तस्वीरें निकलकर सामने आईं, उसने इस पूरी परीक्षा के “नीट एंड क्लीन” होने के दावों की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं.
मुजफ्फरपुर से लेकर लखीसराय तक, परीक्षा केंद्रों पर ‘सॉल्वर गैंग’ की ऐसी घुसपैठ और ‘फेक पेपर’ गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है कि पुलिस एक्शन से पूरे परीक्षा माफिया में खलबली मच गई है. आइए जानते हैं क्या रही री-नीट परीक्षा की असली ग्राउंड रियलिटी.
कैसे खुली ‘डॉक्टर बाबुओं’ का पोल?(NEET Re-Exam)
लखीसराय के चार परीक्षा केंद्रों (केंद्रीय विद्यालय किऊल, उच्च विद्यालय हसनपुर, केआरके उच्च विद्यालय और डायट) पर जब रविवार को परीक्षा शुरू हुई, तो सब कुछ सामान्य लग रहा था. लेकिन असली धमाका तब हुआ जब जिला प्रशासन और डीएम शैलेंद्र कुमार की टीम औचक निरीक्षण पर पहुंची.
बायोमेट्रिक अटेंडेंस, फोटो और फिंगरप्रिंट का मिलान करते ही मशीन ने लाल सिग्नल दे दिया. कड़ाई से पूछताछ हुई तो पता चला कि परीक्षा दे रहे लड़के असली अभ्यर्थी हैं ही नहीं! वे तो पीएमसीएच (PMCH) पटना और दिल्ली के नामचीन मेडिकल कॉलेजों के छात्र हैं, जो दूसरों के नाम पर डॉक्टरी का पर्चा लिखने पहुंच गए थे. अकेले केंद्रीय विद्यालय से ऐसे 7 ‘मुन्नाभाई’ दबोचे गए.
40 लाख की महा-डील वाला मामला (NEET Re Exam 2026 Fraud)
जांच आगे बढ़ी तो इस परीक्षा (NEET Re-Exam) माफिया सिंडिकेट का जो चेहरा सामने आया, उसने सुरक्षा एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए. यह सिर्फ नकल का मामला नहीं था, बल्कि एक सीट के लिए 30 से 40 लाख रुपये की कड़क डील की गई थी, जिसकी मोटी एडवांस राशि पहले ही बांटी जा चुकी थी.
चौंकाने वाली बात यह है कि इस महा-फर्जीवाड़े को कामयाब बनाने के लिए बायोमेट्रिक डेटा की जांच करने वाली कंपनी के कर्मचारियों को ही मिला लिया गया था. पुलिस ने त्वरित ऐक्शन लेते हुए 5 मेडिकल छात्रों और बायोमेट्रिक कंपनी के 14 कर्मचारियों समेत कुल 24 लोगों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है.
मुजफ्फरपुर में ‘फेक पेपर’ गिरोह का भंडाफोड़
सिर्फ लखीसराय ही नहीं, मुजफ्फरपुर में भी सॉल्वर गैंग और फर्जी प्रश्नपत्र (NEET Re Exam 2026 Fraud) सोशल मीडिया पर वायरल करने का झांसा देने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस का बड़ा हंटर चला है. परीक्षा से ठीक पहले और परीक्षा के दौरान कई संदिग्धों को उठाया गया है, जिनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है. सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार भले ही तकनीकी रूप से फुलप्रूफ होने का दावा करे, लेकिन जब तक जमीनी खुफिया तंत्र (Human Intelligence) को मजबूत नहीं किया जाएगा और अंदर के भेदियों पर नकेल नहीं कसी जाएगी, तब तक ऐसे ‘मुन्नाभाइयों’ के हौसले पस्त करना नामुमकिन होगा.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

