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NEET-UG Fraud: लखीसराय में 30 गिरफ्तार, डमी कैंडिडेट और बायोमेट्रिक कर्मियों की मिलीभगत का खुलासा

नीट-यूजी पुनर्परीक्षा फर्जीवाड़े में लखीसराय पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें डमी कैंडिडेट और बायोमेट्रिक स्टाफ शामिल हैं, जबकि मुख्य सरगना अभी फरार है.

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NEET-UG Fraud: लखीसराय में नीट-यूजी पुनर्परीक्षा से जुड़े बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में अब तक कुल 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें फर्जी परीक्षार्थी, कुछ असली छात्र और बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं. हालांकि इस पूरे नेटवर्क का कथित मुख्य सरगना अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में लगातार छापेमारी जारी है.

परीक्षा केंद्रों पर चल रहा था फर्जीवाड़ा

जानकारी के मुताबिक जिले में चार परीक्षा केंद्रों पर नीट की पुनर्परीक्षा आयोजित की गई थी. परीक्षा को शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त तरीके से कराने के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे. हर केंद्र पर केंद्राधीक्षक, मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की गई थी.

इसके बावजूद कुछ जगहों पर मूल परीक्षार्थियों की जगह डमी यानी फर्जी उम्मीदवारों को बैठाने की कोशिश की जा रही थी. जांच के दौरान यह गड़बड़ी पकड़ में आ गई.

तीन थानों में दर्ज हुईं FIR

इस पूरे मामले में कवैया थाना और किऊल थाना समेत जिले के तीन अलग-अलग थानों में कुल तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. जांच के दौरान पुलिस ने संगठित तरीके से चल रहे इस रैकेट का खुलासा किया, जिसमें कई स्तरों पर मिलीभगत सामने आई है.

30 लोगों की गिरफ्तारी, कई श्रेणियों में आरोपी

पुलिस के अनुसार अब तक जिन 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें नौ फर्जी परीक्षार्थी, तीन मूल उम्मीदवार और 18 बायोमेट्रिक स्टाफ या अन्य सहयोगी शामिल हैं. ये सभी अलग-अलग परीक्षा केंद्रों से पकड़े गए.

केंद्रीय विद्यालय से 15, हसनपुर हाईस्कूल से 9 और केआरके हाईस्कूल से 7 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. इन सभी पर परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने और नियमों के उल्लंघन का आरोप है.

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प्रशासन का सख्त रुख, जांच जारी

लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार और एसपी प्रेरणा कुमार ने समाहरणालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर निगरानी बढ़ाई गई थी और इसी दौरान यह गड़बड़ी सामने आई.

अधिकारियों ने साफ किया कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी चल रही है और उम्मीद है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा हो जाएगा.

इस घटना के बाद परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं, हालांकि प्रशासन का दावा है कि जांच के बाद पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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-भारत एक्सप्रेस



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