असम विधानसभा चुनाव की मतगणना चल रही है. 4 मई 2026 सोमवार, दोपहर 3 बजे तक कांग्रेस पार्टी 24 सीटों पर आगे दिख रही है. इनमें से ज्यादातर 19 सीटें मुस्लिम बहुल इलाकों की हैं. इस ट्रेंड ने राजनीतिक चर्चा तेज कर दी है.
चुनाव आयोग के रुझानों के मुताबिक, कांग्रेस उम्मीदवार कई मुस्लिम बहुल क्षेत्रों जैसे परबतझोरा, गौरीपुर, धुबरी, बिरसिंग जरुआ और मांकाचर में आगे हैं. इन सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवारों ने अच्छी लीड बनाई है. कई इलाकों में मुस्लिम मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा कांग्रेस के साथ नजर आ रहा है.
बीजेपी गठबंधन की स्थिति मजबूत
बीजेपी नीत एनडीए गठबंधन पूरे असम में मजबूत बढ़त बनाए हुए है. शुरुआती रुझानों में एनडीए 80 से 97 सीटों पर आगे चल रहा है. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की अगुवाई में बीजेपी तीसरी बार सरकार बनाने की राह पर है. एजीपी जैसे सहयोगी दल भी कुछ सीटों पर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं.
कांग्रेस के पास मुस्लिम बहुल सीटें
असम में मुस्लिम आबादी करीब 34 प्रतिशत है. हाल के परिसीमन (delimitation) के बाद मुस्लिम बहुल सीटों की संख्या कम हुई है. पहले करीब 35 सीटें ऐसी थीं, अब करीब 20-24 रह गई हैं. कांग्रेस इन इलाकों में मजबूत रही है. वहीं बीजेपी ने चाय बागान और बोड़ो क्षेत्रों में अच्छा काम किया है.
असम में कांग्रेस 24 सीटों पर आगे चल रही है, इनमें से 19 सीट मुस्लिम बहुल हैं, कांग्रेस को मुसलमानों के सिवा कोई वोट नहीं देता,#electionresult2026 pic.twitter.com/dLUTUZkIXO
— ᵐᵗᵠ (@55MTQ_) May 4, 2026
अन्य राज्यों में भी कांग्रेस को झटका
4 मई को पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के नतीजे भी आ रहे हैं. असम में बीजेपी की संभावित जीत उत्तर-पूर्व में उसकी ताकत को और मजबूत करेगी. कांग्रेस को केवल केरल में फायदा हुआ है.
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि असम में विकास, सुरक्षा और घुसपैठ जैसे मुद्दों पर बीजेपी को फायदा मिला है. कांग्रेस मुख्य मुस्लिम इलाकों तक सीमित नजर आ रही है. अंतिम नतीजे शाम तक और साफ होंगे.
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