बिहार के सीएम नीतीश कुमार.
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने युवाओं को बड़ी सौगात देते हुए अगले पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार सृजित करने का ऐलान किया है. इस प्रस्ताव को 15 जुलाई 2025 को हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दे दी गई है. यह निर्णय श्रम संसाधन विभाग के उस प्रस्ताव पर आधारित है, जिसमें सरकार ने रोजगार सृजन की दिशा में ठोस पहल करने की योजना बनाई थी.
कैबिनेट की मुहर, विपक्ष को बड़ा झटका
विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही विपक्ष सरकार को रोजगार के मुद्दे पर घेरने की रणनीति बना रहा था, लेकिन सरकार के इस फैसले ने विपक्ष के हथियार को कुंद कर दिया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद इस योजना की घोषणा कर पहले ही संकेत दे दिए थे कि सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर है. अब जब इस पर कैबिनेट की मुहर लग चुकी है, तो इसे चुनावी माहौल में एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है.

ऐसे बनाई जाएगी उच्च स्तरीय समिति
नौकरी और रोजगार सृजन को गति देने के लिए सरकार ने विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति बनाने का भी फैसला किया है. यह समिति रोजगार के संभावित क्षेत्रों और नए विकल्पों का अध्ययन कर राज्य सरकार को सलाह देगी, जिससे तय लक्ष्य को समय पर पूरा किया जा सके.
10 लाख सरकारी नौकरी, 39 लाख को रोजगार दिए
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में अब तक 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और 39 लाख लोगों को रोजगार दिया जा चुका है. वर्ष 2020 में ‘सात निश्चय-2’ कार्यक्रम के तहत 10 लाख सरकारी नौकरियां और 10 लाख रोजगार का संकल्प लिया गया था जिसे बढ़ाकर कुल 50 लाख का लक्ष्य रखा गया.
नई योजनाएं और कौशल विकास की दिशा में कदम
सरकार अब इस लक्ष्य को दोगुना करते हुए 2025 से 2030 तक एक करोड़ रोजगार सृजन की दिशा में काम करेगी. इसमें निजी और औद्योगिक क्षेत्रों को भी शामिल किया जाएगा. इसके साथ ही युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण पर जोर दिया जाएगा.
‘जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय’ बनेगा
राज्य में युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में सक्षम बनाने के लिए सरकार एक कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना करेगी. इस विश्वविद्यालय का नाम बिहार के गौरव भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के नाम पर रखा जाएगा. यह विश्वविद्यालय युवाओं को आधुनिक तकनीकी व औद्योगिक कौशल प्रदान करेगा.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

